**साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील के साथ साथ शासन की मंशानुरूप कार्य करने का वायदा किया एस डी एम ने
ब्यूरो चीफ इमरान क़ाज़ी *लंबित मामलों को शीघ्र से शीघ्र कैसे निस्तारित किया जाए इस बात पर रहेगा जोर- अतुल* कालपी। वैसे तो कालपी मेरे लिए कोई नई जगह नहीं क्यों कि मैं यहाँ पूर्व से ही बतौर न्यायिक उप जिलाधिकारी तैनात ही था हाँ अब एस डी एम प्रशासन का पद भार मिल गया है। उक्त बाते एक औपचारिक भेंट में नवागंतुक उप जिलाधिकारी अतुल कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता रहेगी कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिले इतना ही नहीं शासन के निर्देशानुसार एक तय समय सीमा में ही राजस्व मामले निस्तारित हो। उन्होंने यह भी कहा कि आई जी आर एस के मामले बिल्कुल पारदर्शिता के साथ निस्तारित हो श्री कुमार ने कहा कि सी एम डैश बोर्ड में कालपी की कम रैंकिंग आने की वजह यानि की प्रभावित करने वाले कारक खोजकर उसमे कार्य किया जाएगा। आगामी त्यौहारों के मद्देनजर साम्प्रदायिक सौहार्द अच्छा बना रहे इस पर सभी का प्रयास रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा प्रयास है कि जिला प्रशासन के दिशा निर्देशन पर शासन की मंशानुरूप कार्य करूँ जनता को शिकायत का मौका न दू। हमारे दरवाजे हर जरूरतमंद के लिए सदैव खुले हैं।अतुल कुमार जी को न्यायिक उप जिलाधिकारी के साथ साथ कालपी उप जिलाधिकारी प्रशासन का चार्ज मिलने की जानकारी होने पर कालपी के बार ऐसोशिएशन के अध्यक्ष एड. अमर सिंह निषाद, पूर्व अध्यक्ष गयादीन, जय किशोर कुलश्रेष्ठ, रवींद्र श्री वास्तव, देवेंद्र श्री वास्तव, दीप चंद्र सैनी आदि लोगों ने बधाई दी। *इनसेट* *ओ बी सी संघ के संयोजक ने बंदरों की समस्या के निदान हेतु एस डी एम को दिया सुझाव* कालपी। आज नवागंतुक उप जिलाधिकारी प्रशासन का पद भार ग्रहण करने के बाद अतुल कुमार जी से मुलाकात करते हुए ओ बी सी संघ के संन्योजक एड. दीप चंद्र सैनी (वरिष्ठ पत्रकार) ने कहा कि कालपी की मुख्य समस्या बंदरों की है। जिस पर नियंत्रण बहुत जरूरी है क्यों कि बंदरों से पूरे शहर के लोग परेशान हैं उनकी समस्या के निदान हेतु यदि इस दौरान पहल हो जाये तो भविष्य में काफी मदद हो सकती है उन्हें बताया गया कि ये समय वृक्षारोपण का है यदि आपके प्रयास से वन विभाग और नगर पालिका,संबंधित खंड विकास अधिकारियों की एक संयुक्त मीटिंग करके यदि जंगल व जंगल की सीमाओं में फल दार वृक्षारोपण करा दिया जाये तो भूख से पीड़ित बंदर जो जंगल से शहर की ओर भागते हैं उन्हें जब जंगल में पर्याप्त खाने को मिलेगा तो धीरे धीरे उनका शहर की ओर आना कम हो जाएगा। जिस पर उन्होंने कहा कि यह तो मेरा फ़र्ज़ है मेरा प्रयास रहेगा कि आम जन जीवन के साथ साथ पशु पक्षियों के जीवन की रक्षा करूँ उनके काम आ सकूँ।

