
शबे जुल्मत मे एक उम्मीद की तनवीर है जैनब,,,,,,,,,,,,
डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर कस्बे के इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल में आयोजित जैनब डे के 55 वे कार्यक्रम में बच्चों ने पढ़े नौहैं और तकरीर , शायरो ने पढा कलाम आयोजित हुई मरसिया मजलिस
डुमरियागंजl डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल में जैनबो कुलसुम डे का कार्यक्रम पूरे जोशो खरोश से आयोजित किया गया। जिसमें कलाम पाक की तिलावत की गई बच्चों ने नौहे पढ़े और तकरीर की। मौलाना और जाकिर ने कर्बला की दास्तान और हजरत इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब की जिंदगी और किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। शायरों ने कलाम पढ़े तथा मर्सिया मजलिस आयोजित की गईl कार्यक्रम में भारी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुएl कार्यक्रम देर शाम तक चला।
डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल में महमूद अब्बास रिजवी के संयोजन मे आयोजित जैनब डे के 55 वे दौर के कार्यक्रम का आगाज अरमान हैदर आरजू द्वारा की गई कलाम पाक की तिलावत के साथ हुआ जिसके बाद बच्चों की नौहाख्वानी और तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ जिसमें कुल 60 बालक बालिकाओं ने हिस्सा लिया। जिसमें नौहाख्वानी में उत्तम प्रस्तुति के चलते जया फातिमा पुत्री नौनिहाल हैदर प्रथम, खुशनसीब जेहरा पुत्री वजीर हैदर दितीय तथा समन पुत्री कामयाब हैदर तृतीय स्थान पर रहे वही तकरीर मे नशरा फातिमा पुत्री खुश्तर रजां प्रथम तथा निशा फातिमा पुत्री नौनिहाल अहमद दितीय, अजरा पुत्री जीशान तृतीय व नादिया फातिमा पुत्री ऊरूज अहमद चौथे स्थान पर रही lजिन्हें आयोजन कमेटी द्वारा नकद और उपहार देकर पुरस्कृत किया गयाl तत्पश्चात आयोजित तकरीर में मौलाना आदिल अब्बास रिजवी, मौलाना युसूफ, जाकिर अजीम हैदर, सुजैन, नफीस एडवोकेट , काजिम मेहंदी,अमन, मोजिज मेहंदी,जमाल हैदर, हबीबुल हसन,सुजैन हैदर , मुबारक, फैज, हैदर हल्लौरी आदि ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनकी बहन जनाबे जैनब द्वारा उनके पैगाम को दुनियां तक पहुंचाने और परिजनों की जिम्मेदारियों को निभाने को विस्तार से बयां कियाl तकरीर के बाद शायरों के कलाम का दौर शुरू हुआ जिसमें कार्यक्रम की मिसरे तरह ” शबे जुल्मत मे उम्मीद की एक तनवीर है जैनब , पर आधारित मशहूर शायर शमशाद हल्लौरी, दर्द हल्लौरी, अममार हल्लौरी, मेहंदी हल्लौरी, अफसर हल्लौरी, डॉक्टर हैदर हल्लौरी , अजीम सज्जादी , खुलूस, आले रजा, काजिम कर्बलाई, खुर्शीद ज़फ़र, रजा हल्लौरी, जिगर, लकी, ,मोजिज , काजिम कर्बलाई, फलक , अज्जा,हानी, जांबाज, मुमताज, आले रजा, हसन सादिक मंजू आदि शायरो ने अपने अपने अंदाज में कलाम पेश किएl कार्यक्रम के अंत में मरसिया मजलिस आयोजित की गईl मरसियाख्वानी हैदरे कर्रार तथा मजलिस को अजीम हैदर ने संबोधित कियाl कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना आदिल अब्बास रिजवी तथा संचालन दर्द हल्लौरी और हैदर हल्लौरी ने कियाl
इस दौरान काजिम करबलाई, अकबर मेहंदी, सैफ हैदर, वरिष्ठ पत्रकार हाशिम रिजवी , अकबर रजा, अहमद रजा मोहम्मद, वजीर हैदर, नियाज हैदर, तनवीर हसन, सज्जाद, इकतेदार मेहदी, खुशहाल, शबबीर हसन, जहीर शान, आबिद ,आदि लोग मौजूद रहेl
