अधिकारियों को दी गई जानकारी, फिर भी नहीं मिला सहयोग — खण्ड विकास अधिकारी पर अभद्र भाषा का आरोप

उत्तर प्रदेश सहायक क्राइम प्रभारी -विशाल गुप्ता
लखीमपुर खीरी। भीरा थाना क्षेत्र की सड़क किनारे दो जानवरों के मृत अवस्था में पड़े मिलने से स्थानीय लोगों में रोष और चिंता व्याप्त है। मृत जानवरों को कुत्ते व पक्षी नोच-नोचकर खा रहे थे, जिससे मार्ग पर निकलने वालों को दुर्गंध और भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खुले में पड़े मृत पशुओं से बीमारियाँ फैलने का भी गंभीर खतरा बना हुआ था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे पड़े ऐसे जानवरों का समय पर अंतिम संस्कार करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है, ताकि आम जनता बीमारी से सुरक्षित रह सके।
घटना की जानकारी मिलने पर गौ-रक्षक चिंटू पूरी तुरंत मौके पर पहुँचे। एक घोड़ा शारदा पुल से लगभग एक किलोमीटर आगे मृत मिला, जबकि एक गौवंश बरम बाबा चौराहा से एक किलोमीटर आगे सड़क किनारे पड़ा हुआ पाया गया।
चिंटू पूरी ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले बिजुआ खण्ड विकास अधिकारी को फोन किया, लेकिन उनका आरोप है कि अधिकारी ने उनका नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। इसके बाद उन्होंने गोला SDM को जानकारी दी, जिन्होंने बताया कि वे BDO को सूचित कर रही हैं। इसके बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। जिलाधिकारी को जानकारी देने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।
काफी देर बाद खण्ड विकास अधिकारी से बात होने पर, गौ-रक्षक चिंटू पूरी के मुताबिक, अधिकारी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “यह सब आप लोग स्वयं कर लिया करो, हमें मत बताया करो।”
इस बीच, भीरा पुलिस मौके पर पहुँची और पलिया गौ-रक्षक टीम व बजरंग दल भीरा के सहयोग से मृत पशुओं का अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस, गौ-रक्षक टीम और बजरंग दल के संयुक्त प्रयास से रास्ते को साफ कराया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
