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भारतीय किसान यूनियन (भानू) जनपद कन्नौज द्वारा यह गंभीर विषय उठाया गया है कि इस समय रबी की फसलों — विशेषकर गेहूं और आलू — की बुवाई के दौरान किसानों को यूरिया खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इन फसलों में नाइट्रोजन की अधिक आवश्यकता होती है, जो यूरिया के माध्यम से पूरी होती है।
किसानों की मेहनत से देश को पौष्टिक अन्न प्राप्त होता है, लेकिन इसी किसान को आज खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकारी दर पर ₹266 से ₹270 प्रति बैग मिलने वाली यूरिया आज बाजार में ₹380 से ₹400 तक बेची जा रही है। समिति कार्यालय अक्सर बंद रहते हैं, और सप्ताहांत पर किसानों को अतिरिक्त पैसे देकर खाद लेने को मजबूर किया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत निंदनीय है।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) की मांग है कि:
1) जिला प्रशासन तत्काल यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाए।
2) सभी प्राइवेट खाद विक्रेताओं की जांच कराई जाए।
3) दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित हो।
4) समितियों के खुलने का समय बढ़ाया जाए ताकि किसान सुविधा से खाद खरीद सकें।
रिपोर्ट शिवम् यादव

