रिपोर्टर :- विनीत तिवारी
एम डी न्यूज़


लखीमपुर खीरी
जिले में 18 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परीक्षार्थियों की तैयारी में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं मैरिज लॉनों और गांवों में रातभर बजने वाले तेज़ डीजे व आतिशबाजी। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि डीजे केवल निर्धारित ध्वनि सीमा में और रात 10 बजे तक ही बजाया जा सकता है, इसके बावजूद कई मैरिज लॉनों और ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात तेज शोर-गुल जारी है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि तेज ध्वनि के कारण बच्चों को न तो ठीक से नींद मिल पा रही है और न ही वे मन लगाकर पढ़ाई कर पा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में यह शोर न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ भी है।
चिंता की बात यह है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो पुलिस और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिल रही है। इससे मैरिज लॉन संचालकों और डीजे संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जब शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? क्या रातभर का डीजे बोर्ड परीक्षा दे रहे बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है?
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बोर्ड परीक्षा की अवधि में डीजे पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए, नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो और बच्चों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना तनाव के परीक्षा की तैयारी कर सकें।

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By MD News

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