बाराबंकी रामनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गतजहां सरकार पर्यावरण को बढ़ावा देकर के पेड़ लगाने के लिए आम जनता को प्रोत्साहन कर रही है वहीं दूसरी ओर वन माफिया का आतंक चरम पर मामला जनपद बाराबंकी के वन रेंज रानी बाजार का जहां वन क्षेत्र अधिकारी कल्पना पांडे व डिप्टी डेंजर सचिन पटेल की संरक्षण में क्षेत्र में आए दिन हरे भरे प्रतिबंधित पेड़ों का कटान जोरों पर है वन रेंज रामनगर हरे भरे पेड़ों कटान में सुर्खियों में चल रहा है सफदरगंज थाना क्षेत्र वन रेंज रामनगर में मनोज यादव डिप्टी रेंजर पत्रकारों का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते हैं जिससे कमियां उजागर ना हो सके रामनगर क्षेत्र में डिप्टी रेंजर मनोज यादव ज्यादातर चाहते लकड़कतों से लकड़ी कटवाते हैं जब शिकायत की जाती है तो मौखिक में जुर्माना किया जाता है कुछ दिन पूर्व रुद्रा ला पुर के पास दो पेड़ आम के एकपेड़ शीशम का सोनू ठेकेदार ने काटकर नष्ट कर दिया वन विभाग के कर्मचारी पकड़कर पौधा शाला ले गए लाने के बाद छोड़ दिया गया उसके पहले एक पेड़ नीम का एक पेड़ गूलर का सोनू ठेकेदार ने काट कर नष्ट कर दिया था जिसका जुर्माना अभी तक नहीं हुआ है डिप्टी रेंजर की मिली भगत मे,पेड़ ज्यादा काटे जाते हैं खाना पूर्ति करने के लिए काम पेड़ों का जुर्माना किया जाता है वन विभाग के अधिकारी लकड़कतों के ऊपर मेहरबान है ज्यादातर लकड़ कट्टों को बचाने में लगे रहते हैं वन विभाग में जब जानकारी चाहे तो बताते हैं की परमिट जारी है मगर मौके पर कभी परमिट दिखाई नहीं जाता है ना तो जुर्माना की रसीद दिखाई जाती है वन विभाग के अधिकारी ज्यादातर लीपापोती में जुटे रहते हैं।


योगी सरकार एक पेड़ मां के नाम लगवा रही है दूसरी तरफ वन विभाग की जिम्मेदार अधिकारी पर्यावरण नष्ट करने में कोई कसर बाकी नहीं रखते हैं। ऐसा लग रहा है जैसे वन माफियाओं के आगे नाक मस्तक हो चुके हैं वन विभाग रानी बाजार के वन क्षेत्राधिकार कल्पना पांडे व डिप्टी रेंजर सचिन पटेल व कर्मचारी मामला ग्राम घौखरिया वन रेंज रानी बाजार मैं जहां पर वन माफियों ने प्रतिबंध महुआ के 3 पेड़ व शीशम के 3 पेड़ वन माफियाओं ने काट डाले जिसकी परमिट के विषय में वन क्षेत्राधिकार कल्पना पांडे से जानकारी लेनी चाहिए तो उन्होंने शब्दों के जाल में ही पत्रकार को पहले फुला करके फसाने की कोशिश की परंतु उनकी कोशिश नाकाम रही जब वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ही वन माफिया का साथ देना चालू कर देंगे तो आखिरकार पत्रकारों व सरकार की क्या विचार लीपा पोती में लग जाता है वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अधिक जानकारी लेनी चाही गई तो ना ही वन क्षेत्राधिकार कल्पना पांडे का फोन नहीं उठाए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु फोन बजता रहा उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

परेशान होकर के पत्रकार द्वारा जिलाधिकारी बाराबंकी महोदय के कार्यालय व वन प्रभागीय वन जिलाधिकारी डीएफओ साहब को अवगत कराना पड़ा उच्च अधिकारियों की संज्ञान में आते ही निचले स्तर के दोनों अधिकारी व कर्मचारी तिलमिला उठे और पत्रकार को फसाने के लिए कहीं ना कहीं से नाहट करते ढूंढने लगे
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय वन दरोगा सचिन पटेल से इस विषय पर वार्ता की गई उन्होंने भी जानकारी देने में आनाकानी की परंतु जिले में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के कारण उन्होंने कार्यवाहि का आश्वासन तो दिया परंतु देखना अब यह है कि आगे क्या कार्रवाई करते हैं वन रेंज रानी बाजार के अधिकारी व कर्मचारी
सूचना मिलने पर भी नहीं हो रही कार्रवाई अगर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी पर आ जाए तो वन माफिया में इतनी हिम्मत कहां कि वह प्रतिबंधित पेड़ों का कटान कर सके जब भी किसी प्रतिबंधित पेड़ की काटन के विषय में सूचना अधिकारियों को दी जाती है या इस विषय में परमिट है या नहीं है पूछा जाता है तो अपनी कलम बचाते हुए 1 से 2 पेड़ों पर कार्रवाई कर जुर्माना कर देते हैं बाकी ऐसे पड़े रहते हैं।
जिससे वन माफियाओं में कोई डर भी नहीं है कि ज्यादा से ज्यादा क्या होगा अगर हम 4- 5 पेड़ कटेंगे तो 1 या 2 पेड़ों पर जुर्माना ही तो होगा इसी वजह से वन माफिया ओ के हौसले और भी बुलंद हैं।

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