धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज।स्थानीय निचलौल में संचालित ‘क्षेत्रीय विकास निधि बैंक लिमिटेड’ द्वारा ग्राहकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। बैंक के संचालक और मुख्य पदाधिकारी रातों-रात बैंक में ताला लगाकर ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार हो गए हैं।ऊंचे ब्याज और विभिन्न प्रकार के डेली खाता एवं अधिक रिटर्न का लालच देकर फंसाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय विकास निधि बैंक लिमिटेड गोरखपुर पिछले कुछ सालों से क्षेत्र में काम कर रहा था। बैंक प्रबंधन ने आम लोगों, विशेषकर छोटे व्यापारियों, दैनिक वेतन भोगियों और महिलाओं को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आरडी (RD) पर बाजार से कहीं अधिक ब्याज देने का लालच दिया था। शुरुआत में कुछ लोगों को समय पर भुगतान भी किया गया, जिससे लोगों का विश्वास बैंक पर बढ़ गया और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों ने अपनी जीवनभर की पूंजी इस बैंक में जमा कर दी।
ऐसे खुला धोखाधड़ी का राज
पिछले कुछ दिनों से जब कुछ खाताधारक अपनी मैच्योरिटी की राशि निकालने बैंक पहुंच रहे थे, तो बैंक कर्मी या प्रबंधन द्वारा उन्हें “सर्वर डाउन है” या “कैश की कमी है” कहकर टाला जा रहा था। और जब ग्राहकों ने पैसे भुगतान को लेकर सख्ती की तो उक्त बैंक द्वारा खाताधारकों को चेक दिया गया।जब चेक भुगतान में प्रक्रिया में लगाया गया तो चेक बाउंस होने लगा।जिससे लोगों को धोखाधड़ी की आशंका हुई। और अब बैंक पूरी तरह बंद पाया जा रहा है।साथ ही साथ सभी बैंक कर्मचारियों व संचालकों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ आने लगे। इसके बाद ठगी के शिकार हुए आक्रोशित ग्राहकों की भीड़ बैंक और स्थानीय थानों और तहसीलों के बाहर शिकायत एवं कार्यवाही को लेकर जमा होने लगी है। ऐसे में ग्राहक अपनी जीवन भर की कमाई को डूबता देख तनावपूर्ण और खुद को बर्बाद महसूस करने लगा है।
पीड़ित का बयान:
“स्थानीय कृष्णा नगर वार्ड नं2 निचलौल के निवासी स्टाइल फ़ोटो स्टूडियो के मालिक मनोज कुमार चौरसिया ने बताया है कि उन्होंने अपने स्टूडियो एवं अन्य स्रोतों से कमाई की एक निश्चित राशि डेली बचत खाता संख्या 842811000159 के माध्यम से जमा करते रहे लेकिन बैंक द्वारा धोखाधड़ी उनके भविष्य के सपनो को चकनाचूर कर दिया।एगे उन्होंने कहा यदि बैंक द्वारा पैसे नही लौटाए जाते हैं तो सभी खाताधारक आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।

पुलिस में शिकायत
घटना की गंभीरता को देखते हुए सैकड़ों पीड़ित ग्राहकों ने स्थानीय थाने व तहसील पहुंचकर बैंक के निदेशकों और प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। साथ ही तहसील में प्रदर्शन कर उक्त बैंक से जल्द से जल्द उनके जमा राशि को भुगतना कराने की मांग की है।
इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है और लोग अपनी डूबी रकम वापस पाने के लिए सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि स्थानीय और जिला प्रशासन इस मामले कितनी गंभीरता से लेते हुए निवेशकों के पैसे वापस करवाती है।
