एम डी न्यूज चैनल
रिपोर्टर प्रमोद कुमार लखनऊ
निगोहां थाने में तैनात गालीबाज थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी!
प्रभारी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्ड पीठ में याचिका दायर!
*मामला*: थाना निगोहां, जनपद लखनऊ का है जहां मजदूर रिंकू निवासी ग्राम गढ़ी, मजरा उतरावां ने अपनी मेहनत की कमाई से गाटा संख्या 1580 में 1400 वर्गफुट जमीन घर बनाने के लिए खरीदी। राजस्व अभिलेखों में उसका नाम भी दर्ज हो गया।

*आरोप*: जब मजदूर रिंकू ने अपनी वैध जमीन पर भवन निर्माण शुरू कराया तो थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जबरन निर्माण रुकवा दिया।
*पीड़ित रिंकू का आरोप*: थाना प्रभारी ने उसे भद्दी-भद्दी गालियां दीं, सरेआम बेइज्जत किया और हिदायत दी कि दोबारा निर्माण किया तो जेल में सड़वा दूंगा।
*बड़ा सवाल*: बिना किसी स्टे आदेश या कोर्ट के निर्देश के थाना प्रभारी सिविल प्रकृति के मामले में हस्तक्षेप कैसे कर सकते हैं? क्या निगोहां पुलिस प्रॉपर्टी डीलर बन गई है?
*न्याय की उम्मीद*: थाना प्रभारी की दबंगई से परेशान होकर पीड़ित मजदूर रिंकू ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल कर दी है। *रिट याचिका संख्या 5112/2026 – रिंकू बनाम उत्तर प्रदेश सरकार*। अब मजदूर को हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद है।
*सिस्टम पर सवाल*: सूत्रों का कहना है कि थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी कई वर्षों से ‘विशेष आशीर्वाद’ प्राप्त कर निगोहां थाने पर जमे हुए हैं। तबादला नीति यहां बेअसर है।
*मांग*: DGP उत्तर प्रदेश तत्काल SO निगोहां को लाइन हाजिर कर जांच बैठाएं। हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद भी कार्रवाई न होना शासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
