MD न्यूज़ (मोहम्मद अशफाक)
गोला गोकर्णनाथ खीरी। गोला हैडिल क्षेत्र में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच अघोषित कटौती, लोकल फॉल्ट और घंटों बाधित विद्युत आपूर्ति से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी बीच बिजली विभाग के एक कर्मचारी और उपभोक्ता के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल ऑडियो में उपभोक्ता पूरे दिन बिजली न आने की शिकायत करता सुनाई दे रहा है, जबकि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दावे और धरातल की वास्तविकता में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार गोला क्षेत्र में ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, जर्जर लाइनें और लोकल फॉल्ट आम समस्या बन चुकी हैं। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिजली लाइनों की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाए गए हैं, जिनसे ओवरलोड और बिजली खपत की जानकारी आसानी से मिल सकती है। इसके बावजूद बिजली चोरी रोकने और ओवरलोडिंग नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। बताया जा रहा है कि जहां पहले लगभग 10 से 12 कर्मचारियों का स्टाफ कार्य करता था, वहीं वर्तमान में केवल तीन कर्मचारी ही पूरे क्षेत्र का काम संभाल रहे हैं। लोगों का कहना है कि “दस लोगों का काम तीन कर्मचारी कैसे कर सकते हैं”, जिसके चलते फॉल्ट ठीक करने और सप्लाई बहाल करने में घंटों का समय लग जाता है।
एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि बीती रात करीब दो घंटे तक केवल इसलिए बिजली आपूर्ति बाधित रही क्योंकि कर्मचारी एमसीवी उठाने मौके पर समय से नहीं पहुंचे। बाद में कर्मचारी के पहुंचकर एमसीवी चालू करने पर सप्लाई बहाल हो सकी। इस घटना के बाद विभाग की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
