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रिपोर्ट : शाहनूर आलम
जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर
फतेहपुर / अधिवक्ताओं ने कहाः प्राइवेट चिकित्सा क्षेत्र में न कोई नियम न कानून !
मरीजों व तीमारदारों का मनमानी तरीके से किया जाता आर्थिक शोषण
फतेहपुर। यूँ तो चिकित्सक को भगवान कहा जाता है। लेकिन कुछ ऐसे भी चिकित्सक हैं, जिनके पास जाने से मरीज और तीमारदार कतराते हैं। कारण शायद ऐसे चिकित्सकों का फोकस उपचार सेवा देने से अधिक मरीज व तीमारदार का अधिक से अधिक आर्थिक शोषण करना रहता है। प्राइवेट चिकित्सा के क्षेत्र में अक्सर ऐसे मामले प्रकाश में आते रहते हैं। इसी विषय पर आज अधिवक्ताओं से बातचीत की। अधिवक्ताओं का कहना रहा कि प्राइवेट चिकित्सा क्षेत्र में कोई नियम कानून नहीं है, मनमानी तरीके से मरीजों और तीमारदारों का आर्थिक शोषण किया जाता है।
एडवोकेट मो0 मोईन, एडवोकेट एहसान अहमद व एडवोकेट धीरेन्द्र मौर्य ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सा क्षेत्र में तमाम ऐसे नर्सिंग होम हैं। जहां कोई नियम कानून है ही नहीं। उपचार के नाम पर खुली लूट की जाती है। उपचार करने से पहले ही मरीज व उनके तीमारदार को इतना डरा दिया जाता है कि पैसे की जो भी डिमाण्ड की जाए, उसे पूरी करना मरीज व तीमारदार की विवशता बन जाती है। फीजिशियन और सर्जन के नाम तो बोर्ड में लिखाए रहते हैं। लेकिन सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। ओपीडी की कोई व्यवस्था नहीं रहती है, सिर्फ सीजर डिलेवरी कराकर अपनी जेब भरने का काम करते हैं। सर्जन को बुलाकर सीजर डिलेवरी कराते हैं। सर्जन अपना काम करके चला जाता है। देखरेख के अभाव में कभी-कभी जच्चा-बच्चा की मौत के मामले भी प्रकाश में आते रहते हैं। उसके बाद भी इनकी मनमानी पर खास अंकुश नहीं लग पा रहा है।

