बाराबंकी में सार्वजनिक भूमि, विद्यालय की जमीन और हरिजन आबादी की भूमि पर कथित अवैध कब्जों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राकेश टिकैत) द्वारा गन्ना कार्यालय परिसर में शुरू किया गया धरना प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
भाकियू (राकेश टिकैत) के जिला अध्यक्ष फैसल मलिक ने बताया कि संगठन ने 8 जून को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर विभिन्न मामलों में कार्रवाई की मांग की थी। अधिकारियों द्वारा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कब्जे वाली भूमि को खाली नहीं कराया गया, जिसके विरोध में सोमवार को किसान और ग्रामीण गन्ना कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
धरने की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। अधिकारियों ने संगठन को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर पीड़ितों को न्याय दिलाते हुए कब्जे वाली भूमि को खाली कराया जाएगा। इसके बाद शाम करीब पांच बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
विद्यालय और खलिहान की भूमि पर कब्जे का आरोप
भाकियू द्वारा दिए गए ज्ञापन में ग्राम मुर्तजनगर इब्राहिमपुर कला, तहसील नवाबगंज स्थित खलिहान की सुरक्षित भूमि गाटा संख्या 515 तथा प्राथमिक विद्यालय की भूमि गाटा संख्या 48घ पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य का आरोप लगाया गया है। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक एवं शैक्षिक उपयोग की भूमि पर निर्माण होने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
हरिजन आबादी की भूमि का भी मामला उठाया
ज्ञापन में ग्राम कंसेरा पहाड़पुर (कुतलूपुर) स्थित हरिजन आबादी के लिए सुरक्षित भूमि गाटा संख्या 714 पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का आरोप है कि कब्जे के कारण ग्रामीण सार्वजनिक उपयोग की भूमि से वंचित हो रहे हैं।
बिजली विभाग पर भी लगाए आरोप
भारतीय किसान यूनियन ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक उपभोक्ता द्वारा एकमुश्त समाधान योजना के तहत बकाया जमा करने के बावजूद उसे अतिरिक्त बिल भेजा गया। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
जिला अध्यक्ष फैसल मलिक ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर अवैध कब्जे नहीं हटाए गए और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो भारतीय किसान यूनियन (राकेश टिकैत) जिले में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
वहीं संगठन के मध्यांचल महासचिव ठाकुर अनुज सिंह ने कहा कि किसानों को कई बार आश्वासन मिल चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो संगठन पहले से अधिक व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
उन्होंने कहा, “किसानों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई दिखनी चाहिए। यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
धरने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे तथा सभी की निगाहें अब प्रशासन द्वारा अगले एक सप्ताह में की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
तेज बहादुर शर्मा
मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या।


