धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज/निचलौल:निचलौल चिउतहाँ मुख्य मार्ग पर घोड़हवा के समीप सड़क किनारे सालों से खड़े आम के विशालकाय सूखे पेड़ राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं। ये सूखे पेड़ किसी बड़े हादसे को खुलेआम दावत दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

राहगीरों के सिर पर मंडरा रहा खतरा
जैसा कि तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है, व्यस्त निचलौल मुख्य मार्ग के बिल्कुल किनारे आम के दो विशालकाय पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं। इनकी सूखी और जर्जर हो चुकी टहनियां सड़क की तरफ झुकी हुई हैं। इस मार्ग पर चौबीसों घंटे राहगीरों, स्कूली बच्चों और भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है।तेज हवा या मामूली आंधी आने पर इन पेड़ों की भारी-भरकम डालियां कभी भी सड़क पर गिर सकती हैं, जिससे नीचे से गुजरने वाले किसी भी वाहन चालक या राहगीर की जान जा सकती है।

घनी आबादी और बिजली के तारों के पास स्थित
तस्वीर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सूखा पेड़ न केवल मुख्य सड़क के करीब है, बल्कि उसके ठीक पीछे आवासीय मकान और घनी आबादी क्षेत्र है।वहीं एक अन्य सूखा पेड़ सीधे मुख्य मार्ग के ऊपर झुका हुआ है और पास से ही बिजली की लाइनें भी गुजर रही हैं। यदि यह पेड़ गिरता है, तो जान-माल के नुकसान के साथ-साथ क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो जाएगी।

स्थानीय लोगों में आक्रोश, विभाग बेपरवाह
स्थानीय ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार चिंता जता चुके हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) दोनों ही इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है:
“यह रोड हमेशा चालू रहता है। रात-बिरात या आंधी-पानी के समय यहां से गुजरते हुए डर लगता है। पेड़ पूरी तरह खोखले हो चुके हैं। क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा देगा?”
मांग
सड़क किनारे लगे ऐसे खतरनाक और सूखे पेड़ों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की जिम्मेदारी वन विभाग और संबंधित प्रशासन की होती है। सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखकर बरती जा रही यह लापरवाही कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जनहित में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से यह मांग है कि मामले का संज्ञान लेते हुए इन सूखे पेड़ों को तत्काल कटवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
