मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छाता तहसील के ग्राम मझोई में यमुना नदी के तट पर जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास लगभग 6 घंटे तक चला, जिसमें प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने विषम परिस्थितियों में बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया।


मॉक ड्रिल का संचालन छाता के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) वैभव गुप्ता और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूषण वर्मा के निर्देशन में हुआ। इस अभ्यास में यमुना नदी में डूबने वाले लोगों को बचाने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने के विभिन्न चरणों का सफल प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि बाढ़ के दौरान होने वाली संभावित आपदाओं और समस्याओं से निपटने के लिए यह मॉक ड्रिल अत्यंत आवश्यक थी। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाना और आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्यों को अंजाम देना है, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।


लगभग 6 घंटे चले इस व्यापक रेस्क्यू अभ्यास में तहसील और जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों ने पूरी तत्परता दिखाई। इसमें उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता, तहसीलदार सचिन पंवार, नायब तहसीलदार शिव शंकर पटेल शामिल रहे।
पुलिस और सुरक्षा टीमों में क्षेत्राधिकारी भूषण वर्मा, थाना प्रभारी (शेरगढ़) अजय किशोर और विशम्भरा चौकी प्रभारी महावीर सिंह मौजूद थे। सहयोगी विभागों से फायर टीम प्रभारी आलोक सिंह, आपूर्ति अधिकारी मोहन उपाध्याय, चिकित्सा विभाग की टीम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।


प्रशासन का मानना है कि मानसून के आगमन से पूर्व इस प्रकार के अभ्यास से बचाव उपकरणों की कार्यक्षमता का पता चलता है और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित होता है। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया गया, और आपदा प्रबंधन टीम ने अपनी तैयारियों को संतोषजनक बताया।

13 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *