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बड़ा हादसा : ट्रेन में चढ़ते समय गिरे, ट्रेन से कटे पति पत्नी, पति की मौत…!
आनंद कुमार रिपोर्टर इंचार्ज बाराबंकी
तीनो बच्चे सुरक्षित, आजमगढ़ जिले के रहने वाले थे मजदूर मनोज
हादसे के बाद जीआरपी एंबुलेंस का करती रही इंतजार, खुद नहीं उपलब्ध करा पाई स्टेचर न फस्टएड
20 मिनट से अधिक प्लेटफार्म पर तड़फता रहा मनोज वा उसकी पत्नी
रेलवे अस्पताल से नहीं मिली कोई मदद
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। आजमगढ़ निवासी एक दंपति अपने तीन बच्चों के साथ घर लौटने के लिए ट्रेन संख्या 15084 उत्सर्ग एक्सप्रेस में सवार होने जा रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गए। हादसे में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में चढ़ने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से दोनों पति-पत्नी प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच जा गिरे। हादसा होते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई।
चढ़ते समय पैर फिसलने से हुआ हादसा
घायलों की पहचान मनोज कुमार (32 वर्ष) और उनकी पत्नी वंदना (28 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ के गोमती नगर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। गुरुवार को दंपति अपने तीन बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) और आंशिक (6 माह) के साथ आजमगढ़ की ट्रेन पकड़ने के लिए बस से बाराबंकी आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों बच्चों को बोगी में चढ़ाने के बाद जब दंपति ट्रेन में चढ़ने लगे तो अचानक ट्रेन चल पड़ी। इसी दौरान पत्नी का पैर फिसला और वो ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच जा गिरी। पत्नी को बचाने के प्रयास में पति मनोज भी ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच गिर गया।
तत्काल नहीं मिली मदद, जीआरपी और रेलवे पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। #जीआरपी ने तत्काल घायलों की कोई मदद नहीं किया। 108 एम्बुलेंस का इंतजार करती रही। लगभग 20 मिनट बाद एंबुलेंस आई तब जाकर स्टेचर से एंबुलेंस तक घायलों को लाया गया।
प्लेटफार्म एक पर मौजूद रेलवे #अस्पताल से कोई मदद भी घायलों को नहीं मिली। न ही जीआरपी न आरपीएफ कोई फस्टएड उपलब्ध करा सका न ही स्टेचर। घटना प्लेटफार्म नबर दो पर हुई। जिससे एम्बुलेंस ऊहा तक नहीं पहुंच सकती थी। अगर जीआरपी तुरंत कोई मदद करती तो शायद मनोज की जान #बचाई जा सकती थी।
जब एंबुलेंस आई तब पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिला अस्पताल बाराबंकी भेजा।
इलाज के दौरान पति की मौत, पत्नी ट्रॉमा सेंटर रेफर
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मनोज की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल वंदना की हालत चिंताजनक देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार वंदना को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।
आजमगढ़ के रहने वाले हैं दोनों पति-पत्नी
पुलिस के अनुसार मृतक और घायल महिला मूल रूप से जनपद आजमगढ़ के मुहम्मदपुर, पोस्ट तरौका, थाना लाटघाट क्षेत्र के निवासी हैं। हादसे के बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क पर उन्हें हादसे की सूचना दे दी है। वही तीनों मासूमों की देखभाल के लिए जीआरपी और रेलवे अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है


