जब किसान ने सुनाई अपनी व्यथा

कलेक्टर के संज्ञान में आते ही सुलझी समस्या

केसीसी लोन खाते की तकनीकी त्रुटि का हुआ त्वरित निराकरण

बलरामपुर, 11 जून 2026/ शासन के मंशानुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के समक्ष परमानंद ने अपनी समस्या रखी थी।जिले के धान उपार्जन केन्द्र बड़कागांव से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें ग्राम अलका, तहसील चलगली के निवासी किसान परमानंद पोया ने कलेक्टर के समक्ष एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था। किसान परमानंद पोया ने अपने आवेदन में बताया था कि उन्होंने अपने धान उपार्जन केन्द्र से लिए गए किसान क्रेडिट कार्ड लोन की राशि का समय पर भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद उनकी जमा राशि उनके स्वयं के लोन खाते में दर्ज न होकर किसी अन्य खातेदार के खाते में जमा हो गई थी। इस तकनीकी त्रुटि के कारण बैंक रिकॉर्ड में परमानंद पोया का 1 लाख 17 हजार 289 का लोन बकाया दिख रहा था और उनके धान की राशि के आहरण पर रोक लगा दी गई थी, जिससे वे अत्यंत परेशान थे।
मामले की गंभीरता और किसान की व्यथा को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल संबंधित नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को मामले की तुरंत जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारी द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की गई। नोडल अधिकारी ने 10 जून 2026 को स्वयं शाखा कार्यालय चलगली में उपस्थित होकर पीड़ित किसान की मौजूदगी में मामले की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि धान खरीदी पोर्टल पर लिपिकीय त्रुटि के कारण परमानंद पोया के खाते के स्थान पर मनोज पटेल का खाता नंबर दर्ज हो गया था, जिससे वसूली राशि वहां चली गई थी।
प्रशासनिक पहल से इस तकनीकी त्रुटि को तत्काल सुधारते हुए मनोज पटेल के खाते से पूरी राशि वापस ली गई और उसे परमानंद पोया के खाते में समायोजित कर उनकी समस्या का समाधान कर दिया गया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसान परमानंद पोया ने पर पूर्ण संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।

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