भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश टीम में बाराबंकी के पूर्व सांसद उपेंद्र रावत को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति संगठन में अनुभवी और जमीनी नेताओं को आगे बढ़ाने की भाजपा की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है।

पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत का जीवन बचपन से ही राजनीतिक के प्रति शुरू हुआ। वे शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे। संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहचान बनाई।

वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बाराबंकी की सुरक्षित जैदपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधायक का पद संभाला। विधायक के तौर पर उन्होंने क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया।

विधानसभा में सक्रिय भूमिका के बाद भाजपा नेतृत्व ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बाराबंकी संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया। उपेंद्र रावत ने यह चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया और सांसद के रूप में क्षेत्र की समस्याओं को राष्ट्रीय पटल पर उठाया।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कथित विवाद सामने आने के बाद भाजपा ने बाराबंकी सीट से नया प्रत्याशी उतारा था। टिकट न मिलने के बावजूद उपेंद्र रावत ने संगठन के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। वे पार्टी कार्यक्रमों, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों में लगातार सक्रिय रहे। इसी निष्ठा के चलते संगठन ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश महामंत्री की अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

भाजपा के भीतर उपेंद्र रावत की पहचान एक शांत, सरल और संगठन को प्राथमिकता देने वाले नेता के रूप में है। कार्यकर्ताओं से संवाद और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की उनकी क्षमता को पार्टी नेतृत्व महत्व देता रहा है। बाराबंकी समेत अवध क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

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