धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो एमडी न्यूज़
महाराजगंज:उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सिंचाई विभाग में कार्यरत एक बाबू का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के ऐसे दावे किए गए हैं, जिसने सीधे जिले के सबसे बड़े अधिकारी यानी जिलाधिकारी (DM) तक को लपेटे में ले लिया है।
वायरल वीडियो के अनुसार, मामला मनरेगा योजना के तहत काम दिलाने के नाम पर हुई बड़ी धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि सिंचाई विभाग के बाबू अमित यादव ने एक युवक को मनरेगा के तहत काम दिलाने का झांसा देकर उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
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पीड़ित युवक का कहना है कि पैसे लेने के बाद न तो उसे कोई काम दिया गया और न ही उसकी रकम वापस की गई। हद तो तब हो गई जब युवक ने अपनी डूबी हुई रकम वापस मांगी। वीडियो के मुताबिक, बाबू अमित यादव ने अपनी सफाई में यह कहकर चौंका दिया कि:
”मनरेगा कार्यों की स्वीकृति के लिए जिलाधिकारी को भी पैसा देना पड़ता है।”
इस एक बयान ने पूरे महकमे में आग लगा दी है। एक अदने से बाबू द्वारा सीधे जिलाधिकारी जैसे संवैधानिक पद पर कमीशनखोरी का आरोप लगाना बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है।
चार महीने पुराना है वीडियो, जांच की मांग तेज
बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब चार महीने पुराना है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी तक इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और न ही स्थानीय मीडिया इसकी प्रमाणिकता का दावा करता है।

मामले के दो बड़े पहलू:
यदि दावा सच निकला: तो यह मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण और गरीब-कल्याणकारी सरकारी योजना में चल रहे एक बहुत बड़े और संगठित भ्रष्टाचार की पोल खोलता है।
यदि दावा झूठा निकला: तो यह जिलाधिकारी जैसे गरिमामयी पद को बदनाम करने और खुद को बचाने के लिए भ्रामक आरोप लगाने का एक संगीन अपराध है।
जनता में भारी आक्रोश, प्रशासन साधे है चुप्पी
चूंकि महाराजगंज जिला मुख्यमंत्री के गृह मंडल गोरखपुर से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस मामले ने और भी तूल पकड़ लिया है। जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों के बीच इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जनता और स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि इस वायरल वीडियो की तुरंत फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। हैरान करने वाली बात यह है कि इतना बड़ा विवाद खड़े होने के बाद भी फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो की आंच कहां तक पहुंचती है और आरोपी बाबू पर क्या कार्रवाई होती है!
