रामपुर, 03 जुलाई। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नुसरत अली खां उर्फ साहिर रजा खां ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि देश और समाज जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उनमें अल्पसंख्यक समाज को घबराने या निराश होने की आवश्यकता नहीं है।
इतिहास गवाह है कि कठिन समय हमेशा स्थायी नहीं होता, लेकिन हिम्मत, धैर्य और सही दिशा में किया गया प्रयास समाजों का भविष्य बदल देता है।
आज सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हम भावनाओं के बजाय शिक्षा, ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं। अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं, आधुनिक तकनीक से जोड़ें, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करें और उन्हें हर प्रकार का हुनर सिखाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।

हमें अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए कानून पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की उकसावे की राजनीति, नफरत या हिंसा का जवाब संयम, लोकतांत्रिक मूल्यों और नैतिक साहस से देना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि मैं अल्पसंख्यक समाज से अपील करता हूं कि निराशा को अपने ऊपर हावी न होने दें। शिक्षा को हथियार, संविधान को मार्गदर्शक, एकता को शक्ति और चरित्र को अपनी पहचान बनाएं।
अपने युवाओं को डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायविद, उद्यमी और कुशल पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करें। यही हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता और भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा हमें याद रखना चाहिए कि समाज की वास्तविक ताकत उसके शिक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी नागरिक होते हैं। इसलिए धैर्य रखें, हिम्मत बनाए रखें, अपने नैतिक साहस को कभी कमजोर न पड़ने दें और ज्ञान व हुनर के बल पर अपने तथा आने वाली पीढ़ियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करें।
