धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों का पांच साल का कार्यकाल रविवार को समाप्त हो गया है। हालांकि, क्षेत्र पंचायतों के कामकाज और विकास कार्यों की निरंतरता को बनाए रखने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख ही अपने-अपने ब्लॉकों में प्रशासक की भूमिका निभाएंगे।
यह व्यवस्था नई क्षेत्र पंचायतों के गठन और उनकी पहली बैठक होने तक लागू रहेगी। इससे पहले ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने पर भी सरकार ने उन्हें इसी तरह प्रशासक नियुक्त किया था।

आज से संभालेंगे कामकाज, नीतिगत फैसलों पर रहेगी रोक
क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के तहत जारी इस आदेश के बाद, 20 जुलाई से सभी वर्तमान ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के तौर पर अपनी क्षेत्र पंचायतों के नियमित प्रशासनिक कार्यों का संचालन शुरू कर देंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावी प्रक्रिया के दौरान विकास योजनाएं और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
महत्वपूर्ण निर्देश: प्रशासक के रूप में काम कर रहे इन ब्लॉक प्रमुखों के पास सीमित अधिकार होंगे। वे कोई भी बड़ा, नीतिगत या विशेष परिस्थिति से जुड़ा निर्णय अपने स्तर पर नहीं ले सकेंगे। ऐसे किसी भी अहम फैसले के लिए उन्हें संबंधित जिला पंचायत से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
