धर्मेन्द्र कसौधन/राष्ट्रीय ब्यूरो
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में एक बेहद महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ से जुड़ा एक नया बिल पेश करेंगे। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी वही कानूनी संरक्षण और सम्मान दिलाना है, जो वर्तमान में हमारे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है। नए नियमों के उल्लंघन या राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
कानून में होगा बड़ा बदलाव
यह नया विधेयक ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026’ के नाम से राज्यसभा के सोमवार के कार्यसूची (एजेंडे) में शामिल है। यह कानून मूल रूप से ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन करेगा।
- मौजूदा नियम: वर्तमान कानून के तहत तिरंगे झंडे, भारतीय संविधान और राष्ट्रगान का अपमान करना एक गंभीर अपराध माना जाता है।
- नया बदलाव: इस संशोधन के लागू होने के बाद, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा उत्पन्न करने या किसी भी प्रकार से उसका अनादर करने को भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया जाएगा।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष पहल
सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर सामने आया है। राष्ट्र गीत को राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की मुहिम के तहत गृह मंत्रालय पहले ही एक बड़ा कदम उठा चुका है।
मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों को पत्र भेजकर यह निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जिन भी सरकारी आयोजनों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाता है, वहाँ ‘वंदे मातरम’ का गायन या उसे बजाया जाना अनिवार्य होगा।
