रिपोर्ट- पुनीत शुक्ला हरदोई

हरदोई रोडवेज डिपो में 2.10 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। निगम कोष में कम धनराशि जमा किए जाने के आरोप में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने तीन कैशियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं 14 परिचालकों (कंडक्टरों) को जांच पूरी होने तक कार्य से विरत (डायल ऑफ) कर दिया गया है। साथ ही मुख्य कैशियर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला जून के अंतिम सप्ताह में उस समय उजागर हुआ, जब परिचालकों ने त्योहारों पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के संबंध में वित्तीय कार्यालय से संपर्क किया। जांच में पता चला कि परिचालकों द्वारा जमा कराई गई कुल आय में से 2.10 लाख रुपये निगम के सरकारी खाते में जमा नहीं किए गए थे। कई परिचालकों पर 80 हजार, 50 हजार और 39 हजार रुपये तक कम जमा करने के आरोप सामने आए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कराई गई विस्तृत जांच में कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद सहायक कैशियर नवलेश कुमार, सुनील श्रीवास्तव और बुकिंग लिपिक शरद कुमार को 16 जुलाई को निलंबित कर दिया गया। वहीं मुख्य कैशियर हरिनाम के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
जिन 14 परिचालकों को ड्यूटी से हटाया गया है, उनमें सात महिला परिचालक भी शामिल हैं। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि कम जमा की गई पूरी धनराशि की वसूली कर ली गई है। परिचालकों को दोबारा कार्य पर रखा जाएगा या नहीं, इसका निर्णय उनके स्पष्टीकरण के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 80 हजार रुपये की अनियमितता से जुड़े एक परिचालक को हरदोई डिपो से हटाकर दूसरे डिपो में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है
