नसीम अहमद

कोतवाली। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जनपद बिजनौर के विकासखंड सभागार कोतवाली में गुणवत्तापूर्ण पंचायत डेवलपमेंट प्लान विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में विकासखंड से संबंधित सभी सचिव गण एवं पंचायत सहायकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समस्त पंचायत सहायकों एवं सचिवों को गुणवत्तापूर्ण जीपीडीपी कैसे तैयार करें इस प्रक्रिया को सिखाना था। प्रशिक्षक सुरेश आर्य द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना क्या है एवं इसके निर्माण के क्या-क्या चरण है पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षक सतेंद्र सिंह द्वारा गुणवत्तापूर्ण पंचायत डेवलपमेंट प्लान कैसे बनाएं पर चर्चा करते हुए बताया कि ग्राम सभा का आयोजन अवश्य होना चाहिए। ग्राम सभा का कोरम पूरा होना चाहिए। ग्राम सभा से पूर्व महिला सभा एवं बाल सभा का आयोजन होना चाहिए। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स के अंतर्गत जिस टीम में पंचायत के अंक कम है उसे थीम में शपथ लेकर पंचायत के विकास के लिए काम करना चाहिए। बैठक कार्यवाही सभा सार पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए। बैठक में सभी जाति वर्गों महिला पुरुषों का प्रतिभाग होना चाहिए। इस प्लान में वीपीआरपी प्लान एवं डिजास्टर रिस्क रिडक्शन प्लान भी शामिल करना आवश्यक है, यदि हम ऐसा करते हैं तो हमारी ग्राम पंचायत विकास योजना गुणवत्तापूर्ण योजना होगी। प्रशिक्षक चेष्टा द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 पर विस्तार से प्रकाश डाला। अब से कचरा को चार श्रेणी में पृथक किया जाएगा यह श्रेणी है गीला कचरा, सूखा कचरा, स्वास्थ्यकर कचरा एवं देखभाल वाला कचरा। किसी के साथ थोक अपशिष्ट जनरेटर संस्थानों का दायरा विस्तृत किया गया है यह दायरा है 20000 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र या 40000 लीटर जल खपत करने वाला संस्थान या 100 किलोग्राम कचरा उत्पन्न करने वाले सभी इकाइयां इसमें शामिल होगी।
