महोबा। उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा के पनवाड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरवारा स्थित गौशाला की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आई तस्वीरें और स्थानीय लोगों की शिकायतें गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं की हकीकत बयां कर रही हैं।

गौशाला परिसर में जगह-जगह जलभराव और घुटनों तक फैला कीचड़ दिखाई दे रहा है, जिसके बीच बेसहारा गौवंश रहने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में पशुओं को न तो बैठने के लिए सूखी जगह मिल रही है और न ही आराम से खड़े होने की सुविधा, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौवंश की देखरेख और मूलभूत सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि मीडिया के मौके पर पहुंचने के बाद जल्दबाजी में हरा चारा डाला गया, लेकिन गौशाला की वास्तविक बदहाली, कीचड़ और जलभराव की स्थिति ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।

सरकार द्वारा गौसंरक्षण और गौशालाओं के बेहतर संचालन के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि धरातल पर गौवंश ऐसी नारकीय परिस्थितियों में रहने को विवश हैं, तो यह संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं संबंधित विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण कर जलभराव की निकासी कराएं, गौवंश के लिए सूखा एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएं तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
रिपोर्ट: अरबाज हाशमी
जिला ब्यूरो चीफ, MD News
महोबा (उत्तर प्रदेश)
