बारिश होते ही अंडरपास में भर जाता है पानी, आवागमन प्रभावित होने से वाहन चालकों में आक्रोश


महोबा। जिले में लोगों की सुविधा के लिए रेलवे लाइन के नीचे बनाए गए अंडरपास बारिश के मौसम में लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इन अंडरपास में थोड़ी सी बारिश होते ही पानी भर जाता है, जिससे आवागमन प्रभावित हो जाता है।
हालात यह हैं कि बारिश के बाद अंडरपास में पानी इतना अधिक भर जाता है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। वाहन चालकों को काफी देर तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार लोगों को रास्ता बदलकर कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बनाए गए अंडरपास
रेलवे प्रशासन की ओर से लोगों की सुविधा को देखते हुए झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर जिले में कई स्थानों पर अंडरपास बनाए गए हैं। इनमें बेलाताल के पास, कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन के समीप, महोबा-चरखारी मार्ग पर तथा कबरई क्षेत्र सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
इन अंडरपास को बनाने का उद्देश्य यह था कि रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहन चालकों को ट्रेनों के गुजरने का इंतजार न करना पड़े और लोगों का समय भी बर्बाद न हो। लेकिन बारिश के मौसम में यही अंडरपास लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
आधे घंटे की बारिश में ठप हो जाता है आवागमन
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर करीब आधे घंटे की बारिश के बाद ही अंडरपास में पानी भर जाता है। पानी अधिक होने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले वाहन चालकों, व्यापारियों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पानी निकालने पर भी उठ रहे सवाल
बारिश के मौसम में अंडरपास में भरने वाले पानी को बाहर निकालने के लिए पंपिंग सेट और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से पानी निकाला जाता है। इसके लिए रेलवे की ओर से व्यवस्था भी की गई है। इसके बावजूद कई बार जरूरत के मुताबिक पानी नहीं निकल पाता।
लोगों का आरोप है कि हर वर्ष पानी निकालने और व्यवस्था बनाए रखने पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश होते ही अंडरपास में जलभराव की समस्या दोबारा सामने आ जाती है।
स्थायी समाधान की मांग
वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अंडरपास में बेहतर जल निकासी व्यवस्था, पर्याप्त क्षमता वाले पंप और पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो।
रिपोर्ट: अरबाज हाशमी
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