Month: May 2022

भट्टे की ठेकेदारी पर ले जाने के बाद लेबर के नहीं दिए ठेकेदार ने पैसे

जनपद बदायूं के सहसवान कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ख्याली की मडैया भूरे, लेखराज, किशनपाल, प्रकाश, प्यारेलाल, व ग्राम मालपुर ततेरा के थाना जरीफनगर दयाशंकर, रूपचंद, नन्हे, कमल सिंह, भूदेव, जय…

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा एवं जागरुकता हेतु गोष्ठी का आयोजन

e मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा एवं जागरुकता हेतु गोष्ठी का आयोजन लखीमपुर खीरी पुलिस अधीक्षक महोदय खीरी, श्री संजीव सुमन के निर्देशन व मिशन शक्ति अभियान…

नमो नमो क्रांति फाउंडेशन की पहली कोर कमेटी मीटिंग श्री राम नगरी अयोध्या धाम में संपन्न किया गया।

आज अयोध्या धाम में नमो-नमो क्रांति फाउंडेशन की कोर कमेटी की पहली मीटिंग की गई, जिसमें कोर कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।कोर कमेटी की मीटिंग में संगठन के विषय…

इतना सस्ता और इतने गजब फ़ीचर वाला फोन आज बिकेगा फ्लिपकार्ट पर..ये है गजब के फ़ीचर..

फ्लिपकार्ट पर पोको डेज़ सेल (poco days sale) आज (17 मई 2022) से शुरू हो गई है। सेल में ग्राहक पोको के बजट फोन से लेकर 5जी तक के फोन…

UP Board Result Update:इस दिन आ सकते हैं 10 वीं और 12 वी के नतीजे…

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो,उ प्र):उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP Class 10th & 12th Result 2022) ने रिजल्ट घोषित करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस हिसाब से नतीजे (UP Board…

यू पी:राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेशभर के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य, कंप्यूटर शिक्षकों की होगी भर्ती..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश):प्रदेश में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने के लिए सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में नियमित कम्प्यूटर शिक्षकों की भी नियुक्ति करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने कम्प्यूटर…

यू पी के सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को 1 जुलाई से बॉयोमेट्रिक उपस्थित होगी अनिवार्य..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश):योगी सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा की स्थिति में बदलाव को लेकर सख्त नजर आ रही है। राज्य में शिक्षा की स्थिति बेहतर करने के लिए लगातार…

महराजगंज/निचलौल:पुलिस की संयुक्त छापेमारी में नशीली दवाओं का खेप बरामद।चार को किया गिरफ्तार..

महराजगंज पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में रविवार की रात निचलौल पुलिस के गस्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर तस्करो के तीन…

यू पी:एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के आवश्यकतानुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स,प्रशिक्षित युवा पा सकेंगे रोजगार..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो उत्तर प्रदेश):प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय की ओर से एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की जरूरत के अनुसार प्रदेश के हर जिले के आईटीआई में कोर्स शुरू किए जाएंगे।…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!