कांवड़ मार्गों पर रहेगा हाईटेक सुरक्षा घेरा, ICCC से होगी लाइव निगरानी, कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट, चौड़ाई 10 फीट और डीजे की आवाज 75 डेसिबल तक सीमित

Md न्यूज़ से जितेंद्र कुमार गौतम व कैमरा main सुमन भारती कि रिपोर्ट
आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने परिक्षेत्रीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बरेली, बदायूं, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं, घाटों की सुरक्षा, साफ-सफाई तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर निकाय, जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
अनुमति के बाद ही लगेंगे कांवड़ शिविर
डीआईजी ने निर्देशित किया कि सभी कांवड़ शिविर प्रशासन की अनुमति के बाद ही लगाए जाएंगे। शिविर एवं कांवड़ स्टैंड सड़क से पर्याप्त दूरी पर बनाए जाएंगे ताकि यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम रहे। हाईवे पर यथासंभव सभी शिविर सड़क की बाईं ओर स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सड़क पार न करनी पड़े।
प्रत्येक शिविर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या कांवड़ खंडित करने जैसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। शिविरों में ड्यूटी करने वाले सभी सेवादारों एवं कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
महिला कांवड़ियों के लिए शिविरों में अलग वाशरूम, विश्राम कक्ष एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ मिशन शक्ति सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। वहीं, आग से सुरक्षा के लिए प्रत्येक शिविर में टीन शेड, फायर एक्सटिंग्विशर तथा अन्य अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगे।
पूरे कांवड़ मार्ग पर रहेगी हाईटेक निगरानी
कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन, सेक्टर एवं सब-सेक्टर में विभाजित कर पुलिस की पैदल एवं बाइक गश्त बढ़ाई जाएगी। रिजर्व पुलिस बल को मार्ग के निकट तैनात रखा जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों तथा उन स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे कांवड़ झांकियां देखने पहुंचते हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल एवं सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
बरेली में बनेगा ICCC कंट्रोल सेंटर
बरेली रिजर्व पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) स्थापित किया जाएगा, जहां से बरेली, बदायूं, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर के प्रमुख कांवड़ मार्गों, घाटों, मंदिरों और चौराहों की लाइव निगरानी की जाएगी। कांवड़ मार्गों पर लगाए गए सीसीटीवी एवं आईपी कैमरों की निगरानी परिक्षेत्र कार्यालय की कांवड़ सेल भी करेगी।
कछला घाट पर रहेगा विशेष सुरक्षा प्रबंध
बदायूं के कछला घाट पर अस्थायी थाना, चार पुलिस चौकियां, चार वॉच टावर, सीसीटीवी कंट्रोल रूम तथा वायरलेस संचार व्यवस्था स्थापित की जाएगी। सभी जनपदों को अपने-अपने घाटों, प्रमुख मंदिरों एवं कांवड़ मार्गों का विस्तृत मानचित्र एवं आंकड़े तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्घटना और गौकशी पर रहेगी विशेष निगरानी
डीआईजी ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं, गौकशी तथा अन्य संवेदनशील घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए। पिछले तीन वर्षों में डायल-112 पर प्राप्त शिकायतों का विश्लेषण कर पूर्व से ही प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए चौकीवार नोडल उपनिरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। जत्थों का पूरा विवरण, संपर्क सूत्र एवं परिचय पत्र पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा। कांवड़ियों को जारी किए जाने वाले पहचान पत्र पर संबंधित हल्का प्रभारी एवं थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर अंकित होगा। कांवड़ मार्ग से जुड़े गांवों के ग्राम प्रधानों के साथ भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त ट्रैफिक प्लान होगा लागू
बरेली, बदायूं, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर के बीच संयुक्त रूट डायवर्जन योजना लागू की जाएगी। दूध, दवा, अखबार, राशन एवं पशु चारा जैसे आवश्यक सेवाओं के वाहनों के लिए अलग मार्ग एवं समय निर्धारित किया जाएगा।
मार्गों पर रिफ्लेक्टरयुक्त सीमेंटेड बैरियर लगाए जाएंगे तथा पीए सिस्टम के माध्यम से लगातार सार्वजनिक घोषणाएं की जाएंगी। जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, वहां वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे।
अस्पतालों में बेड रिजर्व, बाइक एम्बुलेंस रहेंगी तैनात
कांवड़ मार्ग से जुड़े सभी अस्पतालों में श्रद्धालुओं के लिए बेड आरक्षित रखे जाएंगे। मोटर बाइक एम्बुलेंस, जनरेटरयुक्त मोबाइल प्रकाश व्यवस्था तथा आपातकालीन राहत वाहन तैनात रहेंगे।
घाटों पर SDRF, फ्लड पीएसी, गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ और डीजे के लिए तय किए गए मानक
रेलवे लाइन एवं बिजली के तारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तथा अधिकतम चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। वहीं डीजे की ध्वनि 75 डेसिबल से अधिक नहीं होगी। डीजे वाहनों की लंबाई, चौड़ाई एवं ध्वनि स्तर माननीय उच्चतम न्यायालय एवं शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शराब और मांस की दुकानों पर रहेगी विशेष निगरानी
कांवड़ मार्ग पर स्थित शराब एवं मांस की दुकानों तथा मांस परोसने वाले ढाबों और होटलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम, जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे मार्ग की साफ-सफाई, कूड़ेदानों को ढकवाने तथा मृत पशुओं को तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्रमुख शिवालयों का होगा पूर्व निरीक्षण
बरेली के सात प्रमुख नाथ मंदिरों सहित सभी प्रमुख शिवालयों एवं अन्य जिलों के प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक के दौरान बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूर्व निरीक्षण किया जाएगा। संबंधित मंदिर प्रबंधन समितियों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और समन्वय के साथ संपन्न कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई कि वे प्रशासन का सहयोग करें और त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में अपनी सहभागिता निभाएं
