Month: May 2022

नामांकन लक्ष्य न पूरा करने को लेकर ग्रीष्मावकाश न देने का जारी किया गया नोटिस..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो उत्तर प्रदेश):नामांकन लक्ष्य न पूरा करने को लेकर ग्रीष्मावकाश न देने का जारी किया गया नोटिस.. देखें👇

महराजगंज/निचलौल:वन्य जीव को बचाने के प्रयास में उप वन संरक्षक अधिकारी की गाड़ी अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी,ड्राइवर सहित DFO घायल…

बहुआयामी समाचार ब्यूरो रिपोर्ट(उत्तर प्रदेश):महराजगंज जनपद के निचलौल- महाराजगंज मार्ग पर मदनपुरा पेट्रोल पंप के सामने डीएफओ पुष्प कुमार की गाड़ी अनियंत्रित होकर दुर्घटना की शिकार हो गयी, जिसमें ड्राइवर…

हरदोई:सांडी बाजार में अवैध रूप से बेची जा रही आतिशबाजी पुलिस ने एक को किया गिरफ्तार..

बिलग्राम. बताते चलें सांडी बाजार में अवैध रूप से आतिशबाजी धड़ल्ले से बेची जा रही है आपको बता दें कस्बे में बस्ती के अंदर आतिशबाजी बेचना प्रतिबंधित है जिस का…

हरदोई:सांडी इलाके में पिता को खेत पर खाना देने गई किशोरी के साथ छेड़छाड़।

सांडी क्षेत्र के अंतर्गत किशोरी अपने पिता को खाना देने खेत पर गई थी वापस आते समय गांव के ही निवासी लालाराम ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ की है किशोरी…

दूल्हा नहीं लाया हार बिन दुल्हन लौटी बारात

ee दूल्हा नहीं लाया हार बिन दुल्हन लौटी बारात अज़ान खीरी । थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव नगरा में दूल्हा बारात लेकर पहुंच गया लेकिन दुल्हन के लिए हार नहीं…

सीतापुर में लगातार आवारा पशुओं के हमले से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है दरअसल पूरा मामला लहरपुर तहसील के शाहपुर गांव का

शुभम पटेल ब्यूरो चीफ सीतापुर सीतापुर में आवारा पशु सड़क दुर्घटना का कारण बनते नजर आ रहे हैं वहीं लोगों पर आए दिन आवारा पशु लोगों पर हमला कर उनकी…

एसडीवी पब्लिक स्कूल में आयोजित समर कैंप में आर्ट एंड क्राफ्ट का में बच्चों को शिक्षिका शिल्पी अग्रवाल ने काँवर व वॉल हैंगिंग और बुके आदि बनाना सिखाया।

शिविर में बच्चों ने घर में रखी अनुपयोगी वस्तुओं के उपयोग से विभिन्न प्रकार की आकर्षक वस्तुओं का निर्माण किया समर कैंप इंचार्ज शारदा बवेजा के निर्देशन में पिछले कई…

रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों ने जाना कोल्ड स्टोरेज संचालन प्रक्रिया

राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में अध्ययनरत बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र छात्राओं को पाठ्यक्रम के अनुरूप शैक्षिक भ्रमण कराया गया। रसायन विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ सारिका शर्मा के निर्देशन में…

शॉर्ट सर्किट के कारण चलती हुई रोडवेज में आग लगने से बाल-बाल बची

बदायूँ : लालपुल मुक्तिधाम के निकट अचानक चलती रोडवेज बस सँख्या UP25 BT 5849 में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से बाल-बाल बची। तुरन्त लालपुल चौकी के इंचार्ज एवं…

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र बदायूं द्वारा नमामि गंगे परियोजना के सहयोग से योग दिवस का आयोजन

कछला में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र बदायूं द्वारा नमामि गंगे परियोजना व गंगा समग्र के सहयोग से योग दिवस के आयोजन के क्रम…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!