Month: November 2024

रामनगर:महादेवा चौकी से कुछ दूरी पर हुआ सड़क हादसा

रिपोर्ट: अनुपम कुमार राम नगर बाराबंकी l तहसील क्षेत्र रामनगर से लगभग 5 किलोमीटर दूरी महादेवा चौकी स्थित है। महादेवा चौकी सूरतगंज रोड रियाज़ के घर के सामने मोड़ पर…

डी.ए.पी. खाद की किल्लत, किसान दर-दर भटकने पर मजबूर

डी.ए.पी. खाद की किल्लत, किसान दर-दर भटकने पर मजबूर संवाददाता अनुपम कुमार की रिपोर्ट सूरतगंज बाराबंकी। गेहूं सरसों व आलू की बुवाई शुरू होते ही किसानों को खाद की किल्लत…

विधायक ने महेशपुर रेंज के इको टूरिज्म का किया उदघाटन

बहु आयामी समाचार संवाददाता मोहम्मदी जिला खीरी मोहम्मद आमिर 8 नवंबर पिपरिया धनी खीरी महेशपुर रेंज में सैलानियों के लिए इको टूरिज्म के द्वार खुल गए हैं मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र…

रूपनदेही के लुम्बिनी में 112 बोरी भारतीय चीनी बरामद * 200 से अधिक तस्करों ने सशस्त्र पुलिस बल व राजस्व टीम पर पथराव कर चीनी लूटने की किया कोशिश। * पकड़ी गई चीनी भारत से तस्करी कर पहुंची थी नेपाल, चीनी के बोरों पर उत्तर प्रदेश का राजकीय चिन्ह है अंकित।

रूपनदेही के लुम्बिनी में 112 बोरी भारतीय चीनी बरामद * 200 से अधिक तस्करों ने सशस्त्र पुलिस बल व राजस्व टीम पर पथराव कर चीनी लूटने की किया कोशिश। *…

हमारे पर्व हमारी आस्था, हमारे संस्कार हमारी संस्कृति, सब कुछ अद्भुत हैं, जय हो छठी मैया – रवि अग्रवाल * सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व का हुआ समापन

हमारे पर्व हमारी आस्था, हमारे संस्कार हमारी संस्कृति, सब कुछ अद्भुत हैं, जय हो छठी मैया – रवि अग्रवाल * सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व…

उठगे सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व का हुआ समापन

उठगे सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व का हुआ समापन सूरज गुप्ता सिद्वार्थनगर। देश में छठ पर्व का आज समापन हो गया है, यह…

खीरी में हुआ भव्य कार्यक्रम, डीएम व विधायक ने किया शुभारंभ,मिलेट्स व्यंजनों की कुकिंग प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत, खिले चेहरे

आकाश मिश्रा बहुआयामी समाचार लखीमपुर खीरी 08 नवंबर। शहर के वंदन गार्डन में शुक्रवार को उप्र मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत “जनपदीय मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी, मिलेट्स रेसीपी विकास एवं…

पूर्व सीजेआई की तारीफ करते हुवे कहा ‘बुल्डोज़र पर ब्रेक और एएमयु जैसे मुद्दों पर इन्साफ उस दौर में दिया जब अदालतों के रवय्ये संतोषजनक नही थे’ – अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने तारीफे किया

भारतवर्ष में मज़लूमों, पिछड़ों,अल्पसंख्यकों को इंसाफ मिलने का आखरी सहारा सर्वोच्च न्यायालय ही रहगया है।अगरचे बाबरी मस्जिद का फैसला उम्मीद पर खरा नहीं उतरता दिखा।इसीप्रकार ज्ञान वाफी मस्जिद के मामले…

मुख्‍यमंत्री द्वारा “लाड़ली बहना योजना” के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण आज..

रिपोर्ट:राहुल राव 🔵प्रदेश स्‍तरीय कार्यक्रम का एनआईसी कक्ष नीमच में सजीव प्रसारण नीमच/मध्यप्रदेश।प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा द्वारा इंदौर से दिनांक आज 9 नवम्बर 2024 को सांय 04:30…

बदायूं जिले का मिनी कुंभ कहे जाने वाले मेले का झंडी पूजन के साथ आज से शुरू मिनी कुंभ मेला ककोडा..

रिपोर्ट:प्रदीप पाण्डेयबदायूंबदायूं जिले का मिनी कुंभ कहे जाने वाला मेला ककोडा आज शुक्रवार को झंडी पूजन के साथ मेला पर ककोडा मंदिर से जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव झंडी लेकर…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!