Month: July 2025

आगरा:ANM का डिलीवरी करने के दौरान, रुपए लेने का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद एक बार फिर सुर्खियों में फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ नर्स की जगह ANM प्रसव कार्य के लिए तैनात ANM का डिलीवरी करने के दौरान,…

अलीगढ़ :नवजात बालक को आगरा एडॉप्शन सेंटर भेजते हुए नर्सो के निकले आंसू

रिपोर्ट-कमल शर्मा ,अलीगढ़ अलीगढ़ जिला महिला अस्पताल में एक महीने के नवजात को अस्पताल से रवाना करते समय नर्से फफक कर रो पड़ीं। यह नवजात 21 जून को अकराबाद क्षेत्र…

एसपी संकल्प शर्मा की दरियादिली,हादसे में घायल युवक को एसपी ने खुद पहुंचाया अस्पताल।

लखीमपुर खीरी।रेहुआ-सिसैया मार्ग पर सड़क किनारे पड़ा था घायल युवक।एसपी ने रुकवाया काफिला, घायल को एस्कॉर्ट गाड़ी से भेजा। सीएचसी खमरिया।प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल किया गया रेफर।बबलू कुमार,…

औरैया:आवारा गोवंशों से शहर वासी परेशान

रिपोर्ट-राजेश कुमार औरैया।नगर पालिका प्रशासन की ओर से आए दिन चलाई जाने वाले अभियान जैसे की आवारा गोवंशों को पड़कर संबंधित गौशालाओं में भेजना।मगर इस समय शहर के चौराहों और…

पलिया विधायक की दरियादिली से बची गरीब की जान

शाहनवाज गौरी लखीमपुर खीरी। गरीब की जान पैसों की कमी से नहीं जाएगी, जब तक मैं इस क्षेत्र का विधायक हूं। ये शब्द हैं पलिया विधायक के, जिन्होंने एक बार…

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

विद्युत कटौती, खाद संकट व लाठीचार्ज के विरोध में गरजे कांग्रेसजन मोहम्मद असलम लखीमपुर खीरी 22 जुलाई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर जिलेभर में किसानों की समस्याओं को…

दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और तेजाब हमले की धमकी से पीड़िता दहशत में–मुख्यमंत्री व महिला आयोग से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

शाहनवाज गौरी सीतापुर। जनपद सीतापुर के लहरपुर कस्बे की रहने वाली एक पीड़िता ने अपने पति और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उत्तर प्रदेश…

बदायूं आज दिनांक 22 जुलाई 2025 को भारतीय किसान यूनियन असली गैर राजनीतिक की मासिक पंचायत

रिपोर्ट मनीष कांत शर्मा किसान मजदूर की समस्याओं को लेकर तहसील सदर बदायूं में हुई जिसकी अध्यक्षता जसवीर सिंह यादव ने की और संचालन हरीश सिंह पटेल ने किया पंचायत…

सीडीओ ने किया ब्लॉक नकहा का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित मिले कार्मिक, कार्यवाही के दिए निर्देश

ग्राम पंचायत स्तर पर खुली व्यवस्थाओं की पोल, कई स्तरों पर मिली लापरवाही लखीमपुर खीरी, 22 जुलाई। सीडीओ अभिषेक कुमार ने मंगलवार को ब्लॉक नकहा एवं ग्राम बड़ागांव का औचक…

एसएसबी व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 6.53 ग्राम हिरोइन के साथ युवक गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश 22 जुलाई 2025 (सूरज गुप्ता)बढ़नी/सिद्धार्थनगर। एसएसबी 50वीं वाहिनी के ‘जी’ समवाय मलगहिया और पुलिस चौकी बढ़नी की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह भारत-नेपाल सीमा पर बड़ी कार्रवाई करते…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!