शाहनवाज गौरी
सीतापुर। जनपद सीतापुर के लहरपुर कस्बे की रहने वाली एक पीड़िता ने अपने पति और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को प्रार्थना पत्र सौंपा है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया, बेल्ट से पीटा गया, तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया, और अब तेजाब फेंकने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता ने मामले में सुरक्षा व न्याय की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता सादिया का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार अकरम पुत्र असलम, निवासी मोहल्ला नारियन टोला, कस्बा तंबौर से हुआ था। विवाह के बाद से ही उस पर दहेज लाने का दबाव बनाया जाता रहा, और मांग पूरी न होने पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न शुरू हो गया। एक बार पति ने बेल्ट से बेरहमी से पीटा, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। पीड़िता ने इन चोटों के फोटोग्राफिक साक्ष्य भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं।इसके बाद पति अकरम ने उसे तीन बार “तलाक” कहकर घर से निकाल दिया। वर्तमान में पीड़िता अपने मायके मोहल्ला कटरा, थाना लहरपुर में रह रही है। इस बीच अकरम ने बिना किसी विधिक प्रक्रिया के दूसरी शादी भी कर ली, जिसकी न तो सूचना दी गई और न ही पहली पत्नी की सहमति ली गई। पीड़िता ने इसे मुस्लिम पर्सनल लॉ और भारतीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है।पीड़िता ने यह भी बताया कि उसके द्वारा न्याय की मांग किए जाने के बाद आरोपी पक्ष लगातार सुलह का दबाव बना रहा है। यहां तक कि उसे न्यायालय परिसर तक में रोका गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। एक बार आरोपी ने यह धमकी तक दे डाली कि अगर उसने समझौता नहीं किया, तो उसके चेहरे पर तेजाब फेंकवा देगा।

पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष के कुछ लोग लगातार उसकी रेकी कर रहे हैं, जिससे वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है। वह हर समय मानसिक तनाव में जी रही है और उसे अपने व अपने परिवार के जीवन का खतरा महसूस हो रहा है।गौरतलब है कि इस मामले में भरण-पोषण संबंधी एक वाद माननीय न्यायालय लहरपुर में विचाराधीन है, जिसे लेकर भी महिला पर सुलह का दबाव डाला जा रहा है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री और महिला आयोग से मांग की है कि आरोपी अकरम और उसके सहयोगी नफीस के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए। बेल्ट से मारपीट, तेजाब हमले की धमकी और रेकी जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो। फोटोग्राफिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाए।पीड़िता और उसके परिवार को तत्काल प्रशासनिक सुरक्षा दी जाए।आरोपी द्वारा की गई गैरकानूनी दूसरी शादी की विधिक जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।न्यायालय परिसर व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पीछा करने वालों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए।पीड़िता ने कहा कि वह केवल न्याय नहीं, बल्कि अपने जीवन की सुरक्षा की गुहार लगा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।
