Month: July 2025

ब्रेकिंग सिद्धार्थनगर- बच्चों को छोड़ 15 साल छोटे प्रेमी से महिला ने की कोर्ट मैरिज, पति बोला- डर लग रहा था था कुछ खिला न दे

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थानाक्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 40 वर्षीय महिला ने अपने से 15 साल छोटे 24 वर्षीय युवक…

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का जन्मदिन रामपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया

रिपोर्ट-सहायक ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान रामपुर,।जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी रामपुर के तत्वावधान में आज शाम 6 बजे एआईसीसी सदस्य श्री मुतिउर रहमान बब्लू के निवास पर अखिल भारतीय कांग्रेस…

अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से गायब 3 साल की बच्ची को पुलिस ने 20 घंटे में बरामद किया,

आरोपी दंपति गिरफ्तार अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से तीन साल की बच्ची गायब हो गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को संभल से ढूंढ निकाला। एक दंपति ने बच्ची…

श्रावण मास की द्वितीय सोमवार को डाक कांवड़ यात्रा का शुभारंभ

श्रावण मास की द्वितीय सोमवार को डाक कांवड़ यात्रा का शुभारंभतहसील फतेहपुर जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेशपत्रकार शिवकुमार वर्मामोबाइल नंबर 8174048 251आज तहसील व ब्लॉक फतेहपुर की ग्राम पंचायत गौरा गजनी…

जहरीले कीड़े के काटने से12 वर्षीया मासूम की मौत

जहरीले कीड़े के काटने से12 वर्षीया मासूम की मौत रिपोर्टर नौशाद मालिक -जनपद बिजनौर काचांदपुर , क्षेत्र के गांव धुंधली में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहरीले कीड़े के…

पारिवारिक विवाद में चली फावड़े की धार, मां-बेटे घायल

पारिवारिक विवाद में चली फावड़े की धार, मां-बेटे घायल रिपोर्टर नौशाद मलिक ————-‐—————–स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम मेवाजट में रविवार शाम जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद…

बस्ती उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर -अवैध असलहा के साथ युवक का फोटो हो रहा वायरल पैकोलिया थाना क्षेत्र के मजगवां गांव का बताया जा रहा

ब्रेकिंग न्यूज़ -बस्ती उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर -अवैध असलहा के साथ युवक का फोटो हो रहा वायरल पैकोलिया थाना क्षेत्र के मजगवां गांव का बताया जा रहा युवक ऐसे…

जीएनआरएफ फाउंडेशन ने चलाया पौधारोपण अभियान,,,पौधे को पेड़ बनाने का लिया संकल्प।

जीएनआरएफ फाउंडेशन ने चलाया पौधारोपण अभियान पौधे को पेड़ बनाने का लिया संकल्प। संवाददाता मुनेश कुमार सहसवान बदायूं। सहसवान पर्यावरण प्रदूषण, वैश्विक तापवृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) और बढ़ते तापमान को ध्यान…

भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन की अति आवश्यक बैठक हुई संपन्न।

बाराबंकी उत्तर प्रदेश (भारतीय) किसान यूनियन भदौरिया संगठन की एक अति आवश्यक बैठक हाट बाजार लक्कड़ मंडी गणेशपुर जनपद बाराबंकी में संपन्न हुई बैठक में किसानो की विभिन्न समस्याओं को…

शमा फाउंडेशन ने मनाई (डायरेक्टर) शमा परवीन की सालगिरह खास अंदाज़ में, बच्चों को वितरित की पाठ्य सामग्री और पुरस्कार।

बहराइच 16 जुलाई। शमा फाउंडेशन द्वारा ग्राम पंचायत हेमरिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नानहू पूर्वा में बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन फाउंडेशन की डायरेक्टर शमा…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!