Month: October 2025

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही क्लिनिकों पर नहीं लग रही रोक, मरीजों की जान आफत में

बिना रजिस्ट्रेशन और मानक चल रहे दर्जनों क्लीनिक अस्पताल आदर्श श्रीवास्तव वाइस स्टेट ब्यूरो हेड वाराणसी प्रखंड क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टरों की भरमार है। यहां ऐसे कई क्लिनिक चल…

क्षेत्रीय विधायक ने इस साल की हुई परियोजनाओं का निरीक्षण किया

किसानों से की मुलाकात हर सम्भव मदद का दिया भरोसा हरेन्द्र प्रताप सिंहबस्तौली खीरी। विकास खण्ड बिजुआ के ग्राम बेलहा सिकटिहा,बझेड़ा , रेतीपुरवा में विधायक अमन अरविंद गिरी ने जा…

पड़रिया तुला में तीन दिवसीय संत समागम प्रारंभ

प्रथम दिवस गुरु अर्जनदेव और बाबा ईशरसिंह के जीवन पर चर्चा हरेन्द्र प्रताप सिंहबिजुआ खीरीबिजुआ विकास क्षेत्र के पड़रिया तुला कस्बे में तीन दिवसीय संत समागम का आयोजन किया जा…

शिवांश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा डांडिया रास और करवा चौथ कार्यक्रम का आयोजन।

शिवांश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा डांडिया रास और करवा चौथ कार्यक्रम का आयोजन। वाराणसी शिवांश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आज पहाड़ियां स्थित अशोक विहार कॉलोनी फेस 1 में एक निजी होटल में…

नगर पंचायत निघासन में महर्षि वाल्मीकि एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ निकाली गई भव्य शोभायात्रा

लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी, निघासन नगर पंचायत निघासन में मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया…

ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के दिल्ली प्रदेश महासचिव एवं उपाध्यक्ष हुए सम्मानित!।

ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के दिल्ली प्रदेश महासचिव एवं उपाध्यक्ष हुए सम्मानित!। दिल्ली। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दीपेश शर्मा के नेतृत्व में महासभा…

नौहझील के कॉलेज में छात्राओं को मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत किया जागरूक

ब्रेकिंग न्यूज रिपोर्टर- दीपक कुमार जनपद मथुरा की तहसील मांट की ब्लॉक नौहझील में सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज में पुलिस कर्मियों ने छात्राओं को मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत जागरूक…

बिलासपुर जिले के ग्राम ऐठी और करसिवा के निवासी प्रदीप मारकम और चांदनी यादव ने आज दिनांक 8 अक्टूबर को कोर्ट मैरिज कर लिया। दोनों परिवारों के बीच मतभेद के कारण दोनों ने कानून का सहारा लेने का फैसला किया

प्रदीप मारकम और चांदनी यादव ने किया कोर्ट मैरिज परिवार के समर्थन की कमी प्रदीप मारकम पिता सुखनन्दन और चांदनी यादव पिता हीरालाल ने बताया कि उनके परिवार के लोग…

सभी भाषाओं की कोशिका है संस्कृत महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल।

विश्वविद्यालय का 43 वॉ दीक्षान्त महोत्सव सम्पन्न। सभी भाषाओं की कोशिका है संस्कृत महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल। संस्कृत के ज्ञान के बिना भारत को जानना नही है पूर्ण…

ग्राम पंचायत भटौली सेवापुरी मे काशी सांसद खेल कूद प्रतियोगिता का भव्य आगाज

काशी सांसद खेल कूद प्रतियोगिता के अंतर्गत ग्राम सभा भटौली सेवापुरी में नोडल शिक्षक बरेमा प्रदीप कुमार शुक्ल एवम स्थल प्रभारी सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में भव्य आगाज हुआ…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!