Month: November 2025

बाराबंकी डीएम शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई 77 अवैध अस्पताल पैथोलॉजी व क्लिनिक सील।

बाराबंकी डीएम शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई 77 अवैध अस्पताल पैथोलॉजी व क्लिनिक सील।बाराबंकी. जिलाधिकारी बाराबंकी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई जिले…

यूपी:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती की विज्ञप्तियां इन जनपदों की जारी..देखें

भारतीय किसान यूनियन आजाद हिन्द

ब्रेकिंग न्यूज़ मथुराएम डी न्यूज़रिपोर्टर जितेंद्र आगरा मंडल ब्यूरो प्रमुख भारतीय किसान यूनियन आजाद हिन्द नाम श्री जितेंद्र पता…. कुंजेरा मथुरा उत्तर प्रदेश पद… जिला उपाध्यक्ष मे कृष्णा ओझा जितेंद्र…

बदायूं यातायात प्रभारी आर एल राजपूत ने दिया जिम्मेदारी का परिचय सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए दिन भर रहे सक्रिय।

बदायूं यातायात प्रभारी आर एल राजपूत ने दिया जिम्मेदारी का परिचय सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए दिन भर रहे सक्रिय। रिपोर्टर अतुल पटेल बदायूं बदायूं, यातायात माह नवंबर के दृष्टिगत…

बिहार में एनडीए की जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों और एक दूसरे को मिठाइ खिला कर मनाया जश्न।

बिहार में एनडीए की जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों और एक दूसरे को मिठाइ खिला कर मनाया जश्न। रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं बदायूं बिहार में एक बार फिर…

बाल मेले में चमके नन्हे उद्यमी, दोगुना मुनाफा कमाकर बच्चे हुए गदगद

समितियों ने बढ़ाया हौसला, पौधरोपण से दिया पर्यावरण का संदेश बाराबंकी। बदलते समय में बच्चों को केवल पुस्तक आधारित शिक्षा ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की समझ भी जरूरी है।…

राजकीय महाविद्यालय बदायूं में सत्र 2025/26 के लिए प्राणी विज्ञान और वनस्पति विज्ञान परिषद की कार्यकारणी का पुनर्गठन किया गया।

राजकीय महाविद्यालय बदायूं में सत्र 2025/26 के लिए प्राणी विज्ञान और वनस्पति विज्ञान परिषद की कार्यकारणी का पुनर्गठन किया गया। रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं बदायूं आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय…

फुलवारी पब्लिक स्कूल में बाल दिवस के अवसर पर ‘फूड एंड गेम्स फेस्टिवल’ का भव्य आयोजन

लोकेशन। यूपी गोण्डा रिपोर्टर। अब्दुल रहीम फुलवारी पब्लिक स्कूल में बाल दिवस के अवसर पर ‘फूड एंड गेम्स फेस्टिवल’ का भव्य आयोजन आज दिनांक 14 नवंबर दिन शुक्रवार को पंडित…

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी कमांडो संजीव तोमर का बीमारी के चलते निधन हो गया। वे 32 वर्ष के थे।

MD News बहुआयामी सामाचार चैनल जिला सहायता ब्यूरो प्रमुखरोहित जैन जनपद मुजफ्फरनगर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी कमांडो संजीव तोमर का बीमारी के चलते निधन हो गया। वे 32…

इलेक्ट्रॉनिक बस के संचालन में प्रशासन बड़ा फेरबदल करने की तैयारी।

इलेक्ट्रॉनिक बस के संचालन में प्रशासन बड़ा फेरबदल करने की तैयारी।एम डी न्यूज़ बरेलीबरेली में इलेक्ट्रॉनिक बस के संचालन में प्रशासन की ओर से काफी बड़ा फेरबदल करने की तैयारी…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!