Month: November 2025

ब्रेकिंग न्यूज़ आगरा

एमडी न्यूज़ रिपोर्टर बृजेश कुमार पिनाहट पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र में बाल दिवस के अवसर पर विद्यालयों में धूमधाम रही, छात्र एवं छात्राओं ने बाल मेला एवं प्रतियोगिता में बड़ चढ़…

लोकतंत्र की जड़ों को पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी मज़बूत किया है: डॉक्टर अम्मार रिज़वी

उत्तर प्रदेश संसदीय संस्थान के तहत आयोजित बैठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति मोहम्मद सलमानसहायक ब्यूरो प्रमुख बाराबंकी (एमडी न्यूज चैनल) बाराबंकी/लखनऊ।पूर्व विधान परिषद और पूर्व विधानसभा सदस्यों…

प्रयागराज में सिटी बस सेवा सुधार को लेकर बैठक: ई-बस चार्जिंग स्टेशन और माघ मेला व्यवस्था पर मंडलायुक्त की समीक्षा

प्रयागराज | मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को गांधी सभागार में सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में शहर में सिटी बस सेवा को और बेहतर…

व्हाइट कॉलर टेररिज़्म: आतंक नहीं, नैरेटिव का हथियार?”

रिपोर्टर Jay Prakash SinghMD News भारत में हर आतंकी वारदात, हर विस्फोट, हर गिरफ्तार व्यक्ति के साथ एक पुराना खेल फिर से शुरू हो जाता है—संदेह, सनसनी और सुनियोजित शोर।…

सिसवां:नवनिर्माण इन्टरमीडिएट कालेज पिपरा बाजार महराजगंज में बाल दिवस के अवसर पर दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कसौधन महराजगंज।नवनिर्माण इन्टरमीडिएट कालेज पिपरा बाजार महराजगंज में बाल दिवस के अवसर पर दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासक श्री…

महिला महाविद्यालय किदवई नगर में “भारतीय ज्ञान परंपरा : वैदिककालीन अवलोकन एवं उज्ज्वल भविष्य” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।

ब्यूरो चीफ सुजीत कुमार कानपुर नगर कार्यक्रम इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) नई दिल्ली के सहयोग से हुआ।मुख्य अतिथि डॉ.अमित भारद्वाज (उच्च शिक्षा प्रयागराज) सम्मानित अतिथि प्रोफेसर विनय…

पानीपत खटीमा हाईवे पर एक ट्रक डिवाइडर को तोड़कर डिवाइडर के ऊपर चढ़ गया। पीछे से आ रहे वाहान बाल बाल बचे।

MD News बहुआयामी सामाचार चैनलजिला सहायक ब्यूरो प्रमुखरोहित जैन जनपद मुजफ्फरनगर 14 नवंबर 2025 दिन शुक्रवारजनपद मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र में पानीपत खटीमा हाईवे का मामला चलते हुए ट्रक…

जिसने अपना बुरा वक्त अकेले काटा हो?उसे जिंदगी में किसी के आने या चले जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है??

रिपोर्टर jay praksh singhMD News Aligarh जिंदगी के सफर में तमाम अच्छा व बुरा पड़ाव आता हैं गुजर जाता है मगर सफर रुकता नहीं हौसला बुलन्द हो तो एक दिन…

रोड मरम्मत न होने से लोगों को हो रही परेशानी

ब्रेकिंग न्यूज़ लखनऊएम डी न्यूज़ चैनलरिपोर्टर प्रमोद कुमार लखनऊथाना चिनहट विकल्प खंड लखनऊमल्हार ओवर ब्रिज के नीचे रेलवे स्टेशन के पास जो रास्ता गई है वह रास्ता एकदम गड्ढे में…

पीरपुर के आरआरसी सेंटर में सालों से लटक रहा ताला

लाखों खर्च के बावजूद कचरा प्रबंधन ठप आरआरसी सेंटर के पास सफाई व्यवस्था ठप रिपोर्ट–शाबान सिद्दीकी लखीमपुर खीरी।लखीमपुर ब्लॉक की पीरपुर ग्राम पंचायत में बना आरआरसी (रिकवरी एंड रीसाइक्लिंग सेंटर)…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!