सिंचाई विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना भवनों के पास नहीं होंगे नक्शे।
एम डी न्यूज़।
बरेली में रामगंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र में अब सिंचाई विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना भवनों के नक्शे पास नहीं होंगे। पहले मास्टर प्लान में हाई फ्लड जोन का स्पष्ट सीमांकन उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थिति अस्पष्ट थी। अब बीडीए ने मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में सिंचाई विभाग की ओर से किए गए हाई फ्लड जोन के नए सीमांकन को शामिल कर लिया है। नए प्रावधान से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मानक के विपरीत निर्माण पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। मास्टर प्लान-2031 में नकटिया नदी के किनारे 30 मीटर चौड़े ग्रीन बेल्ट का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद नदी के पास वाले क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृत करने से पहले सिंचाई विभाग की एनओसी ली जाती है। मानचित्र स्वीकृत करने की प्रक्रिया में ग्रीन बेल्ट के प्रावधान के साथ संबंधित विभाग की आपत्ति और बाढ़ क्षेत्र से जुड़े मानकों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि रामगंगा व नकटिया नदियों के आसपास मानचित्र स्वीकृति में विभागीय दिशा-निर्देशों व सुरक्षा मानकों का अनुपालन किया जा रहा है। बीडीए का जोर नदी के बाढ़ क्षेत्र में बगैर प्लानिंग के निर्माण को रोकने व निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही विकास गतिविधियों को मंजूरी देने पर है।
रिपोर्टर गौरव सक्सेना एम डी न्यूज़ बरेली।

