
श्री मद भागवत केवल ग्रंथ नहीं साक्षात श्री कृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। मुमुक्ष दद्दा जी महाराज ।
श्री मद भागवत केवल ग्रंथ नहीं साक्षात श्री कृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। मुमुक्ष दद्दा जी महाराज ।
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं
बरेली । कायस्थ सेना कल्याण परिवार बरेली द्वारा लाल फाटक स्थित वृद्धाश्रम में आयोजित भागवत कथा के प्रथम दिवस भागवत व्यास मुमुक्ष दद्दा जी महाराज ने कहा की भागवत कथा एक ग्रन्थ नहीं है इसमें कृष्ण की आत्मा बसती है इसके श्रवण से जीव आवागमन के चक्र से मुक्त होता है और उसका कल्याण होता है । आज महाराज जी ने धुंधकारी की कथा कही । महाराज जी की कथा सुनकर सभी वृद्धजन बहुत खुश थे । आज की कथा में आलोक प्रधान एडवोकेट,श्यामदीप सक्सेना,रवींद्र श्रीवास्तव,आलोक सक्सेना, डॉ नितिन सक्सेना,आलोक कुमार,आलोक वर्मा,ईशान इशू,प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ सोनिया सक्सेना,रवि सक्सेना अवधपुरी,सुनील सक्सेना एडवोकेट आदि उपस्थित थे। आज का प्रसाद वितरण आलोक वर्मा द्वारा किया गया ।
