सहसवान, अवैध अस्पताल में प्रसभ के दौरान जच्चा बच्चा की मृत्यु के मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी की ओर से प्राथमिक की दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में मृतका के स्वजन ने अभी तक पुलिस को शिकायती पत्र नहीं दिया है। कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर खेरू निवासी कय्यूम की पत्नी मुस्कान 25 वर्ष को रविवार सुबह करीब 4:00 बजे प्रसव पीड़ा हुई स्वजन प्रसव के लिए उसे नगर के मोहल्ला मिर्धा टोला में एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए प्रसव के बाद मुस्कान की हालत बिगड़ गई ।निजी चिकित्सक यह देख मौके से फरार हो गया ।मृतक के परिवार जन आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया ।सूचना पर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचकर शवो को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मामले में मृतका के स्वजन ने पुलिस को शिकायत पत्र नहीं दिया था ।सीएमओ ने सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी को अस्पताल के अभिलेखों की जांच कर कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे। सोमवार एम ओ आई सी डॉक्टर प्रशांत त्यागी मौके पर जांच करने पहुंचे तो सिटी हेल्थ केयर पर पहुंचे तो अस्पताल बंद था। आसपास के लोगों से बात कर अस्पताल संचालक का फोन नंबर लेकर बात की तो उसने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। अस्पताल संचालक ने व्हाइट ऐप पर जो अभिलेख भेजे वह प्रसव सेवा देने और अस्पताल पंजीकरण के लिए वैध नहीं है ।एम ओ आई सी डॉक्टर प्रशांत त्यागी ने अस्पताल संचालक सौरभ वर्मा पुत्र नरेश चंद्र वर्मा निवासी मोहल्ला गवा बाहर तावन सम्भल के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने को पुलिस को शिकायती पत्र दिया ।पुलिस ने आरोपित के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं

