फागू बाबा की समाधि (मजार) पर चला प्रशासन का बुलडोजर

- पशुचर (चारागाह) की जमीन पर किये गये अवैध निर्माण को प्रशासन ने हटवाया।

उत्तर प्रदेश 15जुलाई 2025 (सूरज गुप्ता)डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। स्थानीय तहसील व इटवा थाना क्षेत्र के ग्राम चौखड़ा स्थित फागू बाबा के 105 वर्ष पुरानी समाधी (मजार) पर स्थानीय प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया हैं। मंगलवार सुबह 4 बजे प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से इस मजार को ध्वस्त कराकर मलवे को डम्पर में भरकर वहां से हटवा दिया। इस दौरान कोई विरोध नहीं देखा गया। हालांकि प्रशासन ने भारी संख्या में यहां पीएसी व पांच थानों की पुलिस फोर्स की व्यवस्था की थी, वहां पर किसी को आने जाने की अनुमति नहीं थी। चौखड़ा स्थित मजार का निर्माण पशुचर भूमि पर अवैध रूप से किया गया था। इसे हटाने की कार्रवाई एडीएम गौरव श्रीवास्तव और एएसपी प्रशान्त कुमार प्रसाद की अगुवाई में की गई। यह मजार करीब एक बीघा सरकारी पशुचर (चारागाह) भूमि पर स्थित थी, जिस पर अवैध कब्जे की शिकायत भाजपा के पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में मजार पर संदिग्ध गतिविधियों और अवैध निर्माण का उल्लेख करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रशासन ने मौके की जांच कराई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई थी। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेख में पशुचर भूमि (चारागाह) के रूप में दर्ज है। अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद अपर जिलाधिकारी (एडीएम) गौरव श्रीवास्तव और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशान्त कुमार प्रसाद के नेतृत्व में मंगलवार की सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उपजिलाधिकारी डुमरियागंज राजेश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी बृजेश वर्मा, तहसीलदार रविकुमार यादव, पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। पूरे इलाके को सील कर दिया गया। मौके पर शांति व्यवस्था हेतु पूर्व में ही बीते 25 जून को ही बीएनएसएस 2023 की धारा 163 लगा दी गई थी, जो 24 अगस्त तक प्रभावी हैं। मौके पर मीडिया और आम नागरिकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहा। प्रशासन की सख्ती और योजनाबद्ध रणनीति के कारण कार्रवाई शान्तिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई। मौके पर किसी प्रकार का विरोध या झड़प नहीं हुई और कुछ ही घन्टों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर मलबा हटवा दिया गया। इस मामले की शुरुआत भाजपा के पूर्व विधायक राघवेन्द्र सिंह की ओर से की गई शिकायत से हुई थी। उन्होंने प्रशासन को पत्र भेजकर कहा था कि चौखड़ा गांव की चारागाह भूमि पर अवैध समाधी (मजार) का निर्माण कर कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी ज़मीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़ा क्यों न हो। शासन के निर्देश पर हर अवैध निर्माण पर निष्पक्ष कार्रवाई की जायेगी। एसडीएम राजेश कुमार व तहसीलदार रविकुमार यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत ग्राम समाज की सार्वजनिक भूमि पशुचर (चारागाह) से अवैध अतिक्रमण को राजस्व टीम के साथ हटवाया गया हैं। जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0 ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा धारा 67 की कार्रवाई कर सरकारी पशुचर की भूमि से अवैध अतिक्रमण तहसील व पुलिस प्रशासन द्वारा हटवाई गई हैं, मौके पर शांति व्यवस्था कायम हैं।
