MD news by Puneet Shukla Hardoi

हरदोई में लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर शनिवार रात ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला,जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के हुसैनापुर रेलवे फाटक के पास हिमगिरी एक्सप्रेस से गिरकर 45 वर्षीय सुषमा वर्मा की मौत हो गई, जबकि मां की जान बचाने के लिए उनका बेटा दिवाकर भी चलती ट्रेन से कूद पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
अंबेडकर नगर के टांडा थाना क्षेत्र के प्यारेपुर तेंदुआ गांव निवासी सुषमा अपने बेटे दिवाकर के साथ रोज़गार की तलाश में लुधियाना जा रही थीं।दोनों लखनऊ से हिमगिरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुए थे।सफर के दौरान सुषमा कोच के गेट पर बैठी थीं,तभी हुसैनापुर फाटक के पास अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वह अंधेरे में ट्रेन से नीचे जा गिरीं।मां को गिरता देख बेटे दिवाकर ने बिना एक पल सोचे चलती ट्रेन से छलांग लगा दी।
हादसे में दिवाकर का कंधा टूट गया,लेकिन वह दर्द भूलकर रात के अंधेरे में रेलवे ट्रैक किनारे मां को तलाशता रहा।करीब आधा किलोमीटर दूर उसे मां गंभीर हालत में मिलीं।घायल बेटा मां को उठाने की कोशिश करता रहा,फिर किसी तरह उन्हें ट्रैक से हटाया और मदद की तलाश में कई किलोमीटर तक पैदल चलता हुआ टोडरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने सुषमा को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया कि दिवाकर शादीशुदा है और उसकी तीन साल की मासूम बेटी भी है। एक बेटे ने मां को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।इस हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मची हुई है।
