अनिश्चित कटौती से घरों में अंधेरा, बच्चे-बुजुर्ग गर्मी से बेहाल
जनता का तंज: ‘भाजपा राज में भी बिजली का वही हाल, तो फर्क क्या आया?’
अफसरों को नींद, जनता पूरी रात जागे: बिना नोटिस कटौती, लो-वोल्टेज से उपकरण फुंकने का खतरा
लखीमपुर-खीरी। भीषण गर्मी के बीच निघासन,क्षेत्र में बिजली विभाग का ‘अंधेर राज’ चल रहा है। दिन हो या रात, घंटों तक बिजली गुल रहने से आमजनमानस का जीना मुहाल हो गया है। घरों में पसरे अंधेरे और उमस भरी गर्मी में छोटे बच्चे तड़प रहे हैं, बुजुर्गों की हालत खराब है। जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने को तैयार है।
‘दिन में सूरज तपाए, रात में मच्छर नोचें’
ग्रामीणों का दर्द साफ झलक रहा है। लोगों का कहना है, “दिनभर 45 डिग्री गर्मी झेलो, रात को अंधेरे में मच्छरों से लड़ो। पंखे-कूलर शोपीस बने हैं, पानी की मोटरें जवाब दे चुकी हैं। बच्चे रो-रोकर बेहाल हैं। ये कैसा विकास है?” रातभर बिजली गायब रहने से लोगों की नींद हराम हो चुकी है। बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं।

‘सरकार के दावों की पोल खोल रहा बिजली विभाग’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्यशैली सीधे भाजपा सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। “सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही। पहले की सरकारों में बिजली संकट था, अब भी वही हाल है तो बदलाव क्या हुआ?” जनता का दावा है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आक्रोश और बढ़ेगा।
बिना नोटिस कटौती, लो-वोल्टेज का डबल अटैक
ग्रामीणों ने बताया कि विभाग बिना पूर्व सूचना घंटों कटौती कर रहा है। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या से फ्रिज, टीवी, मोटर फुंकने का खतरा मंडरा रहा है। शिकायत करने पर भी अधिकारी ठोस समाधान नहीं दे रहे। “फोन उठता नहीं, जेई मौके पर आता नहीं। जनता जाए तो जाए कहां?”
जनता की 3 सूत्रीय मांग, वरना आंदोलन तय
क्षेत्रवासियों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है:
- तत्काल अनावश्यक कटौती बंद हो
- शेड्यूल जारी कर रोस्टिंग के हिसाब से बिजली दी जाए
- लो-वोल्टेज की समस्या तुरंत दूर की जाए
लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त बिजली नहीं मिली तो जनआंदोलन होगा।
सबसे बड़ा सवाल: क्या सरकार जनता की चीखें सुनेगी या बिजली विभाग का यही ‘अंधेर राज’ जारी रहेगा? निघासन-सिंगाही की जनता जवाब मांग रही है।
रिपोर्टर
मकसूद अली
एम डी न्यूज़
सिंगाही खीरी
