ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान

रामपुर। प्रदेश में लागू ई-पंजीकरण मॉड्यूल के विरोध में बार एसोसिएशन रामपुर ने गुरुवार को बार सभागार में बैठक आयोजित कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अन्य सहयोगी जनों ने ई-पंजीकरण व्यवस्था को रोजगार और आजीविका के लिए खतरा बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।


वक्ताओं ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा दस्तावेज तैयार किए जाने की आशंका बढ़ेगी, जिससे पंजीकरण संबंधी त्रुटियां और भविष्य में कानूनी विवाद बढ़ सकते हैं।
बैठक में यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोगों के पास तकनीकी संसाधनों और डिजिटल जानकारी का अभाव है, जिससे उन्हें परेशानी और संभावित शोषण का सामना करना पड़ सकता है। उपस्थित सदस्यों ने एकमत से ई-पंजीकरण मॉड्यूल को जनविरोधी एवं अधिवक्ता विरोधी बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की।
बार एसोसिएशन रामपुर ने शाहाबाद, मिलक सहित अन्य तहसीलों में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने का प्रस्ताव भी पारित किया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया तो रामपुर के अधिवक्ता भी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
बैठक के बाद बार एसोसिएशन की ओर से स्टांप एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री Ravindra Jaiswal को जिलाधिकारी रामपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ई-पंजीकरण व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई।
बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद लोधी ने की, जबकि महासचिव उस्मान खां एडवोकेट ने संचालन एवं ज्ञापन प्रस्तुत करने में प्रमुख भूमिका निभाई।

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