नरेश ओमर पत्रकार ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर
फतेहपुर। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद नवजात की मौत से रविवार देर शाम हड़कंप मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और एएनएम व एक निजी दाई पर प्रसव के नाम पर रुपये लेने, इलाज में लापरवाही बरतने तथा जिला अस्पताल रेफर करने में देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से करने के साथ ही संबंधित थाने में दोनों के खिलाफ लिखित तहरीर भी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रताप नगर झाल निवासी अर्पित अपनी 25 वर्षीय पत्नी संयोगिता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी सराय खालिश लेकर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे प्रसव हुआ, लेकिन कुछ देर बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि समय रहते समुचित उपचार नहीं दिया गया और जिला अस्पताल रेफर करने में भी देरी की गई। शाम करीब चार बजे रेफर किए जाने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे नवजात को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक नवजात के पिता अर्पित का आरोप है कि एएनएम मोनिका सिंह ने 2,100 रुपये तथा एक निजी दाई ने 1,100 रुपये प्रसव कराने के नाम पर मांगे जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल वायरल हो रहा है वायरल वीडियो की संस्था पुष्टि नहीं करती । उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण पूरी रकम तत्काल न दे पाने पर प्रसव और उपचार में लापरवाही बरती गई। उन्होंने दावा किया कि रुपये लेने के वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं और इसकी जानकारी सीएमओ को दे दी गई है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, एएनएम मोनिका सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रसव पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित तरीके से कराया गया था। उनके अनुसार, प्रसव के लगभग एक घंटे बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की गई, बल्कि परिजनों ने खुशी में स्वेच्छा से कुछ रुपये उपहार स्वरूप दिए थे।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती न होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि विशेषज्ञ महिला चिकित्सक के अभाव में प्रसूताओं को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सीएमओ उदयभान सिंह ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।

