विशेष संवाददाता, लखीमपुर खीरी/रामपुरलखीमपुर खीरी/रामपुर। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को अवैध घोषित कर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा जारी किए गए 15 दिनों के ध्वस्तीकरण (Demolition) आदेश के खिलाफ ‘बहु-आयामी पार्टी (बी.ए.पी.)’ ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय पदाधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आपातकालीन ज्ञापन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, कानून मंत्रालय, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) और उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव सहित रामपुर जिला प्रशासन को ऑनलाइन प्रेषित किया गया है।पार्टी के आधिकारिक पत्र संख्या GOV.IN-UP26.20JUL2026PNN.260039 के माध्यम से भेजे गए इस मांग पत्र में बी.ए.पी. ने सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की इस एकपक्षीय कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है।राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर शिक्षा के मंदिर को बचाए सरकारबहु-आयामी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि पूर्व में भी 16 अक्टूबर 2024 को पार्टी की तरफ से विश्वविद्यालय के सीज किए गए विभागों को बहाल करने के लिए आवाज उठाई गई थी। परंतु, वर्तमान समय में सीधे तौर पर विश्वविद्यालय की गगनचुंबी इमारतों, हॉस्टलों, अत्याधुनिक लैब्स और समृद्ध पुस्तकालयों को मलबे में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है, जो कि देश की अकूत राष्ट्रीय संपदा और मानवीय श्रम का बहुत बड़ा नुकसान है।30 से अधिक कोर्स और हजारों छात्र संकट मेंज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि इस समय विश्वविद्यालय में 30 से अधिक उच्च शैक्षणिक एवं शोध पाठ्यक्रमों का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है। इसमें विभिन्न जातियों, धर्मों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक इमारतों को ढहाने से इन निर्दोष शिक्षार्थियों और शोधकर्ताओं का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय और बर्बाद हो जाएगा।ध्वस्तीकरण के बजाय हो ‘नियमितीकरण’ (Regularization)बहु-आयामी पार्टी ने तार्किक रूप से सरकार के सामने मांग रखी है कि यदि अतीत में निर्माण के समय किन्हीं तकनीकी कारणों या नक्शा संबंधी नियमों में कोई विचलन अथवा त्रुटि पाई भी गई है, तो कानून के दायरे में रहते हुए उसका समाधान निकाला जाना चाहिए। शिक्षा के व्यापक और पवित्र हित को देखते हुए, उन आलीशान भवनों को जमींदोज करने के बजाय शमन शुल्क (Compounding fees) अथवा नियमानुसार कड़े नियम व शर्तें (Terms & Conditions) लागू करके उनका नियमितीकरण (Regularization) किया जाना ही पूर्णतः न्यायसंगत होगा।बी.ए.पी. की मुख्य मांगें:रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा जारी किए गए ध्वस्तीकरण के एकपक्षीय नोटिस को तत्काल प्रभाव से निरस्त या स्थगित किया जाए।विश्वविद्यालय के जो विभाग पूर्व में सीज किए गए हैं, उनकी कानूनी जांच तेजी से पूरी करते हुए उन्हें शिक्षा के सुचारू संचालन के लिए पुनः बहाल किया जाए।सरकार राजनीतिक दृष्टिकोण से अलग हटकर लोकतंत्र और न्याय की भावना के अनुरूप छात्र हित में सकारात्मक निर्णय ले।पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि यदि शासन-प्रशासन ने हजारों छात्रों के भविष्य और शिक्षा के इस बड़े केंद्र को बचाने के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो बहु-आयामी पार्टी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और देश की शैक्षिक धरोहर की रक्षा के लिए शांत नहीं बैठेगी।

