मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान रामपुर क्षेत्र में नालों की दयनीय स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ।लंबे समय से नालों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण वे पूरी तरह कचरे से पटे पड़े हैं। सबसे बड़ी और चिंताजनक बात यह है कि कई जगहों पर नाले ऊपर से पूरी तरह खुले हुए हैं। अभी कुछ समय पूर्व क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद घटना घटी, जिसमें एक छोटा बच्चा खेलते समय इस गहरे और खुले नाले में गिर गया। और उसकी मौत हो गई इस घटना से रामपुर निवासी डरे हुए हैं। खुले और ओवरफ्लो होते नालों के कारण आगे भी ऐसी दुर्घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही, रुकी हुई गंदगी के कारण क्षेत्र में भयंकर बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने का डर है।अतः आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए हमारे वार्ड/मोहल्ले के नालों की तुरंत सफाई करवाई जाए और उन्हें ऊपर से ढकने (कवर करने) की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी दुर्घटना को रोका जा सके। और सभी नलों के आस पास बाउंड्री करवाई जाये इस त्वरित कार्य के लिए हम सभी क्षेत्रवासी आपके अत्यंत आभारी रहेंगे।

निवेदक
कंचन सक्सेना
प्रदेश अध्यक्ष
राष्ट्रीय हिंदू जागृति संघ
9412313666

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मेधावी बच्चों की आंखों में दिखे सपने, अपने कल को हराकर आगे बढ़ो, कामयाबी ख़ुद कदम चूमेगी : फैसल लालासेंट मैरी स्कूल स्वार में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, प्रमाण-पत्र देकर बढ़ाया हौसलाएमडी न्यूज़ बहुआयामी समाचार पत्र एवं न्यूज़ चैनलन्यूज़ चैनललोकेशन रामपुरजिला रिपोर्टर यूसुफ की रिपोर्टस्वार। सेंट मैरी स्कूल में उस वक़्त माहौल भावुक हो गया जब मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी, आंखों में चमक और भविष्य के बड़े सपने साफ़ दिखाई दे रहे थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं तालीम तरबियत वैलफेयर सोसाइटी के प्रबंधक फ़ैसल ख़ान लाला मौजूद रहे।बच्चों को मुबारकबाद देते हुए फ़ैसल ख़ान लाला ने बेहद भावुक अंदाज़ में कहा कि बच्चों की कामयाबी सिर्फ़ एक प्रमाण-पत्र नहीं होती बल्कि उस प्रमाण-पत्र के पीछे मां-बाप की उम्मीदें, शिक्षकों और बच्चे की मेहनत छिपी होती है, मेरे प्यारे बच्चो ज़िंदगी में कभी अपनी बराबरी किसी दूसरे बच्चे से मत करना हो सकता है कोई आपसे आगे हो और कोई आपसे पीछे लेकिन असली मुक़ाबला किसी और से नहीं बल्कि ख़ुद अपने आप से है अपने बीते हुए कल को देखिए और ख़ुद से पूछिए कि आज मैं कल से कितना बेहतर हूँ अगर आज का बच्चा अपने बीते हुए कल से बेहतर बनने की कोशिश करता है तो उसे दुनिया की किसी दौड़ में पीछे रहने का डर नहीं होता है ।याद रखिए आपके मां-बाप की आंखों में आपके लिए जो ख़्वाब हैं उन्हें हक़ीक़त में बदलने की ज़िम्मेदारी भी आपकी है। जब आप कामयाब होंगे तो सबसे पहले आपके मां-बाप की आंखों में खुशी के आंसू होंगे और वही आपके जीवन का सबसे बड़ा इनाम होगा। बच्चों को सिर्फ़ अच्छे नंबर हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अच्छा इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए।किताबें आपको इम्तिहान पास करना सिखाती हैं लेकिन तालीम आपको ज़िंदगी जीना सिखाती है इसलिए इल्म हासिल कीजिए, अदब सीखिए, अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त कीजिए और उन लोगों के लिए आसानियां पैदा कीजिए जिन्हें आपकी मदद की ज़रूरत है।आज के ये बच्चे ही कल के डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अफ़सर, समाजसेवी और देश के ज़िम्मेदार नागरिक बनेंगे। इसलिए इनकी हौसला-अफ़ज़ाई करना सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले बेहतर समाज की बुनियाद मज़बूत करना है।