Month: May 2022

ईको कार की जोरदार टक्कर से 4 वर्षीय मासूम की मौत

सहसवान आइसक्रीम लेकर लौटकर रही 4 वर्षीय मासूम बच्ची को एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही ईको कार ने रौंद दिया। आपको बता दें कि नगर के मोहल्ला…

लखीमपुर खीरी में शार्ट फिल्म रिश्ते का हुआ मुहूर्त

लखीमपुर खीरी में शार्ट फिल्म रिश्ते का हुआ मुहूर्त आपको बताते चलें कि लखीमपुर खीरी में कोरोनावायरस की त्रासदी में तार-तार होते रिश्तो के परिपेक्ष में शॉर्ट फिल्म रिश्ते का…

यू पी में प्राइमरी स्कूल होंगे आधुनिक तकनीक से लैस,स्मार्ट क्लास और रिमोट लर्निंग से होगी पढ़ाई..

धर्मेन्द्रकसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश) :प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद के तहत जल्द ही प्राइमरी स्कूलों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास…

भगवान परशुराम शोभायात्रा को एमएलसी वागीश पाठक और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 माधव मिश्रः ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया।

दबतोरी रोड स्थित ब्रह्मकुंज धर्मशाला पर शोभायात्रा को एमएलसी वागीश पाठक व अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्रः ने झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा दबतोरी रोड…

मानसिक स्वास्थ्य के लिए संयुक्त परिवार आवश्यक: डॉ डॉली

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में समाजशास्त्र विभाग के द्वारा “बदलते परिवेश में परिवारों की भूमिका” विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी…

अभाविप ने दातागंज में किया श्री जल मन्दिर का शुभारंभ

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बदायूं की दातागंज नगर इकाई द्वारा सेवार्थ विद्यार्थी आयाम द्वारा श्री जल मंदिर जल प्याऊ का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन दातागंज कोतवाल सौरभ सिंह, शिवेंद्र सिंह…

महराजगंज/सिसवाँ:आबकारी विभाग की छापेमारी में 50 लीटर कच्ची शराब बरामद, पांच को किया गया गिरफ्तार..

बहुआयामी समाचार ब्यूरो(उ प्र):पुलिस अधीक्षक महराजगंज डॉ कौस्तुभ शर्मा के निर्देशन और आबकारी निरीक्षक निचलौल राकेश यादव एव थानाध्यक्ष कोठीभार रामाशीष यादव के नेतृत्व रविवार को कच्ची शराब के विरुद्ध…

आजादी का अमृत महोत्सव व मिशन शक्ति के तहत अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस आनलाइन मनाया गया।

डी पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहसवान में आजादी का अमृत महोत्सव व मिशन शक्ति अभियान के तहत अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस पर आनलाइन गोष्ठी आयोजित की गयी। प्राचार्या डॉ शुभ्रा माहेश्वरी के…

तेज रफ्तार कार ने दो साइकिल सवारों को पीछे से मारी जोरदार टक्कर दोनों घायल

ee अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने दो साइकिल सवारों को पीछे से मारी जोरदार टक्कर दोनों घायल50 वर्षीय चन्द्र भाल परशुराम मुराऊन टोला ओयल की हालत नाजुक देखाते हुऐ चिकित्साकों…

सहसवान थाने में तैनात एस.आई.महेश बने चौकी प्रभारी नूरपुर पिनौनी सहसवान थाने से विदाई समारोह कर किया विदा।

बताते चलें थाना सहसवान में तैनात एस आई महेश का ट्रांसफर नूरपुर पुलिस चौकी पर कर दिया गया था जिनका थाने में विदाई समारोह किया गया जिसमें थाना प्रभारी के…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!