Month: August 2025

थाना तितावी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित व 15,000 ,रूपये के ईनामी अभियुक्त को कर्नाटक राज्य से किया गिरफ्तार।

एम, डी न्यूज़,।मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट। मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फनगर संजय कुमार वर्मा के एवं थाना प्रभारी तितावी के कुशल नेतृत्व में थाना तितावी पुलिस ने…

आगरा:थाना पिढ़ौरा क्षेत्र में झोलाछाप के इंजेक्शन से किशोरी की मौत

रिपोर्टर, विश्वनाथ वर्माएम डी न्यूज़ बुखार से पीड़ित किशोरी की मौत के बाद परिजनों में मचा हड़कंप पीड़ित परिजनों का आरोप झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से किशोरी की मौत कांकर…

बाराबंकी:आवारा पशुओं पर कार्रवाई नगर पंचायत की टीम रोज दर्जनों गौवंश को गौशाला भेज रही है

इकलाख खान रिपोर्टर फतेहपुर बाराबंकी के फतेहपुर में आवारा पशुओं की समस्या से निज्जत पाने के लिए नगर पंचायत ने अभियान शुरू किया है यूपी जिला अधिकारी व नगर पंचायत…

कन्नौज:ऑनलाइन गेमिंग ठगी गैंग का भंडाफोड़10 गिरफ्तार कोतवाली पुलिस को मिली बड़ी सफलता

कन्नौज से सहायक ब्यूरो प्रमुख ऋषि जैन की रिपोर्ट कन्नौज। कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिये करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का पदार्फाश करते हुए 10…

बच्चों ने अंतरिक्ष दिवस बनाए चंद्रयान-3 के चित्रःस्कूल में प्रतियोगिता, सुमन को मिला पहला स्थान मोहम्मद सलमान वॉइस ब्यूरो चीफ (एमडी न्यूज)फतेहपुर, बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के फतेहपुर तहसील के अन्तर्गत…

बड़े ही धूमधाम के साथ धन्ना पूर्वा के नाथ बाबा मंदिर पर श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया गया* रिपोर्टर – अजय कुमार निघासन – खीरी – ग्राम पंचायत दौलतापुर…

*स्थलीय निरीक्षण कर रामवन गमन मार्ग के निर्माण कार्य के प्रगति का डीएम ने लिया जायजा* *परसरा के पास सर्विस रोड का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश* *कौशाम्बी।*…

निघासन:बड़े ही धूमधाम के साथ धन्ना पूर्वा के नाथ बाबा मंदिर पर श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया गया

रिपोर्टर – अजय कुमार निघासन – खीरी – ग्राम पंचायत दौलतापुर के श्री नाथ बाबा मन्दिर पर बड़े ही धूम धाम के साथ श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया गया।…

गुमशुदा की तलाश…. 1) अनमोल सिंह…पिता कुलदीप सिंह… पता…. अलमास बाग़ बालागंज 2) ….. आर्यन वर्मा… पिता… सोनू वर्मा… थाना तालकटोरा अंतर्गतSKD स्कूल सी ब्लॉक राजाजीपुरम से दो बच्चे गुमशुदा…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!