Month: August 2025

लखनऊ:बारिश की वजह से रोड हुआ खस्ताहाल

एम डी न्यूज़ चैनलरिपोर्टर प्रमोद कुमार लखनऊथाना चिनहट विकल्प खंड चिनहट तिराहा से मल्होर स्टेशन के बीच तक सड़क खस्ता हाल हो गया है जिस पर आने जाने में लोगों…

बेहजम इंडियन बैंक शाखा में बना दलालों का अड्डा

रिपोर्टर :- विनीत तिवारीएम डी न्यूज़ लखीमपुर खीरी:बेहजम स्थित इंडियन बैंक शाखा में हर मजबूर व्यक्ति को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है शाखा में दलालों का वर्चस्व…

बाराबंकी:नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

जनपद बाराबंकी के थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत हो गई। मृतका की पहचान बेबी (आयु लगभग 24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कस्बा बेलहरा…

बदायूँ:खेत के चारों तरफ लगे तारों में करंट से एक 14 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत।

रिपोर्टर-प्रदीप पाण्डेयबदायूं मासूम की मौत से परिवार में मचा कोहराम। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी। मामला हजरतपुर थाना क्षेत्र के जत्तौली पिपला का है।

ठेकेदार व्दारा मानक विहीन सड़क बनाए जाने का महिला सभासद के व्दारा विरोध करने पर कोई कार्रवाई न होते देख लिखा संबंधित मंत्री को पत्र ईओ न.पं. को कराया रिसीव

संवाददाता अर्पित कुमार त्रिवेदी हरगांव सीतापुर— सीतापुर जनपद के आदर्श नगर पंचायत हरगांव के अंतर्गत कथित ठेकेदारों के व्दारा मानक विहीन कार्य कराए जा रहे है।इसी क्रम में नगर पंचायत…

सीतापुर:दसों साल से बंद पड़ी महादेव अटरा की खाद सोसाइटी, दर्जनों गांव के किसान खाद पाने को है परेशान..

संवाददाता अर्पित कुमार त्रिवेदी हरगांव सीतापुर— सीतापुर जनपद की खाद सोसाइटी में दशकों से खाद न आने से बंद पडी होने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान खाद…

जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों किसान- रमाकान्त उपाध्याय

गोबर व गोमूत्र बहुमूल्य : गोसेवा आयोग सदस्य रिपोर्टर-प्रदीप पाण्डेयबदायूं बदायूँ : 21 अगस्त। उ0प्र0 गोसेवा आयोग के मा0 सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गौ-संरक्षण व संवर्धन की जिला स्तरीय अनुसंधान…

लखीमपुर खीरी:गन्ने के खेत में मिला 40 किलो का अजगरः लखीमपुर खीरी के सेनपुर गांव में वन विभाग ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा

बहुआयामी समाचाररिपोर्ट हरेन्द्र प्रताप सिंह लखीमपुर खीरी के भीरा वनरेंज क्षेत्र में स्थित सेनपुर गांव में बृहस्पतिवार को एक विशालकाय अजगर मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्राम पंचायत…

लखीमपुर खीरी:भीरा थाना क्षेत्र के मटेहईया में आटा चक्की विस्फोट से दो की मौत

बहुआयामी समाचाररिपोर्ट हरेन्द्र प्रताप सिंह लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र के मटेहईया गांव में बृहस्पतिवार शाम करीब 5 बजे एक चलती आटा चक्की में विस्फोट हो गया। हादसे में…

बदायूं चेयरमैन फात्मा रजा ने पालिका सीमा से बाहर खेड़ा नवादा पर विशेष सफाई अभियान चलाया।

ग्राम पंचायत ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, नगर पालिका आई सामने,युद्ध स्तर पर सफाई कार्य किया। बरेली-आगरा राजमार्ग पर खेड़ा नवादा से कूड़े का ढेर साफ किया,खेड़ा नवादा की जनता ने…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!