Month: October 2025

थाना छपार पुलिस ने हत्या के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, मुठभेड़ में 1 घायल

स्थान: मुजफ्फरनगर, थाना छपाररिपोर्ट: रूखशीद अहमद, एम. डी. न्यूज़ मुख्य घटनाक्रम:

स्मृति दिवस पर याद किए गए शहीद पुलिस कर्मी

रिपोर्टर – आनंद कुमार, क्राइम रिपोर्टर, बाराबंकी बाराबंकी: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय ने रिजर्व पुलिस लाइन्स परेड ग्राउंड स्थित शहीद स्मारक स्थल…

उत्तर प्रदेश महा संगठन ने किया आर्थिक सहयोग

गाजीपुर से सहायक ब्यूरो वाराणसी रिपोर्ट गाजीपुर जनपद के थाना सादात अंतर्गत ग्राम पंचायत कौड़ा उर्फ डहरमौआ निवासी रमेश प्रजापति, जो कि एक ट्रक ड्राइवर थे, अपने परिवार का भरण-पोषण…

पुलिस चौकी के पास मंदिर में हुई चोरी

रिपोर्टर – दीपक कुमारएम.डी. न्यूज़ ब्रेकिंग न्यूज़ – बाजना, मथुरा जनपद मथुरा के कस्बा बाजना से लगभग 10 किलोमीटर दूर मानागढ़ी गांव में स्थित मंदिर से दानपेटी चोरी हो गई।…

इश्क का अंधेरा: फिरोजाबाद में पत्नी ने पति को जहर देकर उतारा मौत के घाट

रिपोर्टर: जय प्रकाश सिंह | एम.डी. न्यूज़, अलीगढ़ फिरोजाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां शशि नामक…

दिल दीवाली पर न्यू सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल, तिलमापुर में रंगोली एवं दीप सज्जा प्रतियोगिता आयोजित

वाराणसी से संवाददाता सलीम जावेद की रिपोर्ट वाराणसी। दिल दीवाली के शुभ अवसर पर न्यू सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल, तिलमापुर में रंगोली एवं दीप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।…

डग्गामार डबल डेकर बस में अचानक लगी भीषण आग — बस बनी आग का गोला, बाल-बाल बचे यात्री

अपडेट — मैगलगंज, लखीमपुर खीरीरिपोर्ट: गुफरान खान, एमडी न्यूज़ दिल्ली से सीतापुर जा रही एक डग्गामार डबल डेकर बस में मैगलगंज कस्बे के पास उस समय हड़कंप मच गया जब…

लखीमपुर के मैगलगंज क्षेत्र में एक डबल डेकर बस में अचानक लगी आग — हादसे में सभी सवारियां बाल-बाल बचीं

ब्रेकिंग न्यूज़ – लखीमपुर खीरीरिपोर्टर : विनीत तिवारी, एम. डी. न्यूज़ (लखीमपुर) जानकारी के अनुसार, बस दिल्ली से सीतापुर जा रही थी। यात्रियों के अनुसार, बस एक ढाबे पर चाय…

भारतीय किसान यूनियन (अवध राजू गुप्ता संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया

ब्रेकिंग न्यूज़ लखनऊ इस अवसर पर सरदार सिंह गौतम, जिला अध्यक्ष लखनऊ द्वारा प्रमोद कुमार (एम.डी. न्यूज़ चैनल रिपोर्टर, लखनऊ) को थाना चिनहट क्षेत्र, काशीराम कॉलोनी से भारतीय किसान यूनियन…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!