Month: November 2025

ब्रेकिंग न्यूज़बहुआयामी रिपोर्टर युवराज मिश्राबेहजम खीरी

बेहजम ब्लॉक में सनातन विरोधी पोस्ट पर बवाल ग्रामीणों में आक्रोश बेहजम लखीमपुर खीरी ‌‌। नीम का थाना क्षेत्र बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत घोरखेड़ा के मुजरा से कटिहार में…

MD news खबर है हरदोई उत्तर प्रदेश हरदोई थाना टड़ियावां ग्राम सभा दिव्या फतेहपुर पुत्र रामपाल अंकुल लड़के का मोबाइल नंबर 9317750296का लड़का गायब है 13 तारीख शाम 10:00 बजे…

यूपी में वृद्धा पेंशन के लिए अब नही करना होगा आवेदन,ऐसे मिलेगा लाभ,जानिए..

लखनऊ। प्रदेश में अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा। फैमिली आईडी एक परिवार-एक पहचान के आधार पर उन नागरिकों की सूची…

निचलौल:गाथा एक भ्रष्ट और तलवे चाटने वाले पत्रकार की..हेमंत दूबे की कलम से

सेवा’ और ‘त्याग’ की गाथा! ‎हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी, अपने सपरिवार सहित, इस पवित्र पत्रकारिता के यज्ञ में सकुशल आहुति दे रहे होंगे। ‎साथियों, आपको याद होगा,…

महर्षि वाल्मीकि उपवन में आदर्श स्वच्छकार पंचायत सभा अपने महामंत्री को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

महर्षि वाल्मीकि उपवन में आदर्श स्वच्छकार पंचायत सभा अपने महामंत्री को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि ब्यूरो चीफ सुजीत कुमार कानपुर नगर कानपुर नगर के महर्षि वाल्मीकि उपवन, मोती झील में आदर्श…

कानपुर नगर निगम में कामरेड नागेश्वर वाल्मीकि की 23वीं जयंती मनाई गई।

कानपुर नगर निगम में कामरेड नागेश्वर वाल्मीकि की 23वीं जयंती मनाई गई। ब्यूरो चीफ सुजीत कुमार कानपुर नगर कानपुर नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रिय नेता कर्मचारी मसीहा…

बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत, लोजपा (रामविलास) का शानदार प्रदर्शन

बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत, लोजपा (रामविलास) का शानदार प्रदर्शन रिपोर्टर अमन विश्वकर्मा बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर एनडीए की मजबूत…

हरदोई में थानाध्यक्ष के घर 35 लाख की ज्वेलरी चोरी का पुलिस ने किया खुलासा,तीन महिलाएं-एक पुरुष गिरफ्तार,पांच बच्चे संरक्षण में में

हरदोई में थानाध्यक्ष के घर 35 लाख की ज्वेलरी चोरी का पुलिस ने किया खुलासा,तीन महिलाएं-एक पुरुष गिरफ्तार,पांच बच्चे संरक्षण में में रिपोर्ट -पुनीत शुक्ला हरदोई क्षेत्र में थानाध्यक्ष के…

‘सारेगामापा’ से विधानसभा तक: मैथिली ठाकुर ने रचा इतिहास, बनीं सबसे कम उम्र की विधायक

‘सारेगामापा’ से विधानसभा तक: मैथिली ठाकुर ने रचा इतिहास, बनीं सबसे कम उम्र की विधायक रिपोर्ट -पुनीत शुक्ला बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने इतिहास रच दिया…

आर के पब्लिक स्कूल मुजरिया के बच्चों ने फीनिक्स मॉल का किया भ्रमण। बाल दिवस पर आयोजित किया गया डे आउट कार्यक्रम।

आर के पब्लिक स्कूल मुजरिया के बच्चों ने फीनिक्स मॉल का किया भ्रमण। बाल दिवस पर आयोजित किया गया डे आउट कार्यक्रम। रिपोर्टर अवनी महेश्वरी सहसवान बदायूं, सहसवान आर के…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!