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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए! अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक बड़ी समीक्षा बैठक की है श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर मे सुगम दर्शन के नाम पर यात्रियों/दर्शनार्थियों से दुर्व्यवहार/धनलाभ करने वाले 9 व्यक्तियों को थाना दशाश्वमेध पुलिस ने किया गिरफ्तार देवा वन रेंज टीम द्वारा घायल बाज पक्षी को किया गया था रेस्क्यू,स्वस्थ होने पर प्रकृति में किया विमोचित। बाराबंकी में 167 सामूहिक विवाह जोड़ों को सामग्री मिली: यूपी सरकार के 9 साल पूरे होने पर सुशासन समारोह आयोजित

पूरे काजी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजनः तीसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तिमय हुआ माहौल

अनिल यादव मवई अयोध्या एम डी न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट अयोध्या के रुदौली स्थित मवई क्षेत्र के पूरे काज़ी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।…

NH-27 पर भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार गंभीर रूप से घायल

वेद प्रकाश राजपूत ब्यूरो चीफ अयोध्या एम डी न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट रूदौली कोतवाली क्षेत्र के NH-27 पर तकिया कट के पास शुक्रवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हो गया। लखनऊ…

अलविदा जुम्मा के दृष्टिगत जिलाधिकारी कन्नौज व पुलिस अधीक्षक कन्नौज द्वारा भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा ।

कन्नौज /बताते चले कि अलविदा जुम्मा के अवसर पर जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कन्नौज श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज…

कुमार गौतम बरेली-ससुराल जन द्वारा पति की मृत्यु के उपरांत प्रातंडित करने मारपीट जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने पर मिली पीड़िता एसएसपी बरेली से पुलिस ने दिया पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

दीक्षा गौतमी पुत्री स्व० मोहनलाल निवासी ग्राम अहमदावाद थाना हाफिजगंज जिला बरेली की अनुसूचित जाति की जाटव है । प्रार्थिनी के माता पिता के पहले ही स्वर्गवास हो चुका है…

दीक्षा गौतमी पुत्री स्व० मोहनलाल निवासी ग्राम अहमदावाद थाना हाफिजगंज जिला बरेली की अनुसूचित जाति की जाटव है ।

दीक्षा गौतमी पुत्री स्व० मोहनलाल निवासी ग्राम अहमदावाद थाना हाफिजगंज जिला बरेली की अनुसूचित जाति की जाटव है । प्रार्थिनी के माता पिता के पहले ही स्वर्गवास हो चुका है…

मिठौरा:इंडेन गैस उपभोक्ताओं को लाइन में लगने का झंझट खत्म,घर बैठे बुक करें.. ऐसे मिलेगा..

धर्मेन्द्र कसौधन(राष्ट्रीय ब्यूरो-एमडी न्यूज़) महराजगंज।घरेलू रसोई गैस की समस्या को देखते हुए उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मिठौरा इंडेन गैस एजेंसी ने नई व्यवस्था लागू किया गया है। अब उपभोक्ताओं…

ग्राम पंचायत गुलचौरा के मजरा लखनापुर में गैस सिलेंडर फटने से लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान

विनीत तिवारी लखीमपुर-खीरी एम डी न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट लखीमपुर खीरी जनपद के विकासखंड बेहजम क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुलचौरा के मजरा लखनापुर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच…

मिठौरा:इंडेन गैस उपभोक्ताओं को लाइन में लगने का झंझट खत्म,बस घर बैठे मोबाइल से बुक करें..ऐसे मिलेगा..

धर्मेन्द्र कसौधन(राष्ट्रीय ब्यूरो-एमडी न्यूज़) महराजगंज।घरेलू रसोई गैस की समस्या को देखते हुए उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मिठौरा इंडेन गैस एजेंसी ने नई व्यवस्था लागू किया गया है। अब उपभोक्ताओं…

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा द्वारा थाना मीरापुर में सौन्दर्यकरण कार्यों, एवं आदर्श बैरक, व रसोई घर,का उद्घाटन किया गया।

एम, डी, न्यूज़, चैनल। मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद, की रिपोर्ट। आज दिनांक 12.03.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा द्वारा थाना मीरापुर पर कराए गए सौन्दर्यकरण कार्यों,…

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर द्वारा आगामी उ0प्र0 पुलिस उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था के लगी पुलिस टीम को दिये आवश्यक दिशा निर्देश।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर द्वारा आगामी उ0प्र0 पुलिस उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था के लगी पुलिस टीम को दिये आवश्यक दिशा निर्देश। एम, डी, न्यूज़, चैनल।…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!